संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर सभा का संबोधन
सिधौली, सीतापुर: 152 विधानसभा सिधौली, जनपद सीतापुर में संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर राजेश कुमार सिद्धार्थ, प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस एवं प्रदेश अध्यक्ष, ने एक जनसभा को संबोधित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भारत के नागरिकों को जो अधिकार दिए थे, वर्तमान में उन अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार धीरे-धीरे गरीबों, किसानों, मजदूरों, छात्रों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, आदिवासी और अन्य समाज के अधिकारों को कुचल रही है।
मुख्य विषय:
अधिकारों पर आघात: राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकारों पर संकट मंडरा रहा है।
समाज को जगाने का आह्वान: उन्होंने "बाबा साहेब अंबेडकर के सपूतों" को उठने और जागने का आह्वान किया, ताकि बाबासाहेब के संविधान को बचाया जा सके।
मनुवादी हुकूमत की चेतावनी: उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज चुप रहा, तो जिस तरह अंग्रेजों ने हुकूमत की थी, उसी तरह मनुवादी लोग देश में फिर से दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यक और शूद्र समाज पर हुकूमत करेंगे।
जातिवादी मानसिकता: उन्होंने कहा कि महापुरुषों ने संघर्ष करके अंग्रेजों से आजादी प्राप्त कर ली, लेकिन मनुवाद से आज तक हम लोग आजाद नहीं हो पाए हैं। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि आज भी व्यक्ति का गुणगान कर्म के अनुसार नहीं, बल्कि उसकी जात देखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रपति हों या सुप्रीम कोर्ट के जज, यदि वे शूद्र समाज से हैं तो निश्चित रूप से उन्हें आज भी जातिवादी मनुवादी मानसिकता के लोग दूषित सोच से देखते हैं।
संवैधानिक मूल्यों का हनन: उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर ने जो समता, स्वतंत्रता, बंधुता, एकता और भाईचारा दिया था, उसे समाप्त किया जा रहा है और यहाँ तक कि नागरिकों के वोट के अधिकार पर भी डाका डाला जा रहा है।
आगामी संविधान बचाओ देश बचाओ यात्रा
इस संदर्भ में, 29 जनवरी 2025 को बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के सामने, मास्टर बाग, पंच पीर से एक विशाल संविधान बचाओ देश बचाओ के नाम से संविधान स्वाभिमान यात्रा निकाली जाएगी।
उन्होंने इस यात्रा में समस्त बहुजन समाज में जन्मे हुए महापुरुषों के अनुयायियों और संविधान प्रेमियों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जिसका लक्ष्य 20,000 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

