भगवद्गीता कहती है:
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।”
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अर्थात् — अपने कर्म पर ध्यान...
हिंदू दृष्टिकोण में जीवन केवल जन्म से मृत्यु तक की अवधि नहीं है। यह आत्मा की यात्रा है —...
और पढ़ेंDetailsगुरु ग्रंथ साहिब जी सिख धर्म का मुख्य और अंतिम गुरु माना जाता है।
इसे...
सिख धर्म की स्थापना गुरु नानक देव जी (1469–1539) ने 15वीं शताब्दी में की थी। यह धर्म भारत के पंजाब...
और पढ़ेंDetailsसिख (Sikh) वास्तव में सिख धर्म (Sikhism) के अनुयायी होते हैं, जो भारत के पंजाब क्षेत्र में उत्पन्न हुआ था।
यहाँ इस धर्म के कुछ मुख्य बिंदु दिए गए...
सूफ़ी संतों की जीवनकथाएँ इंसानियत, प्रेम, और ईश्वर-भक्ति से भरी होती हैं।
उन्होंने समाज को यह सिखाया कि सच्चा धर्म दिल की पवित्रता और...
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