आमोद कुमार
बांदा। नौकरी की चाहत और सरकारी पद पाने की उम्मीद का फायदा उठाकर लोगों को ठगने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को साइबर क्राइम पुलिस थाना और कोतवाली देहात की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त के कब्जे से ठगी के 1 लाख 120 रुपये भी बरामद किए गए हैं।पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण एवं सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी साइबर अपराध मेविस टॉक के नेतृत्व में पुलिस ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।मामले की शुरुआत तब हुई जब कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम बरगहनी निवासी छितानी पुत्र शिवनाथी ने शिकायत दर्ज कराई कि एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को आंगनबाड़ी विभाग का अधिकारी बताकर उनकी बहू को सुपरवाइजर बनाने तथा अन्य महिलाओं को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे तथा उनके रिश्तेदारों से धनराशि ठग ली। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान पुलिस ने अभियुक्त महेश कुमार पुत्र रामआसरे, निवासी ग्राम खप्टिहाकला थाना पैलानी, को ग्राम करहिया से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त वर्तमान में कानपुर में गार्ड की नौकरी करता है और सुनियोजित तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी महिलाओं की जानकारी जुटाता था जो आंगनबाड़ी में नौकरी या पदोन्नति की इच्छुक थीं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इंटरनेट के माध्यम से आंगनबाड़ी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी एकत्र की और उसी का इस्तेमाल कर खुद को विभागीय अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीता। उसने ठगी की रकम सीधे अपने खाते में न मंगवाकर कानपुर के कुछ ज्वेलर्स के क्यूआर कोड पर ट्रांसफर करवाई। बाद में उन पैसों से आभूषण खरीदकर उन्हें कम कीमत पर बेच देता था, ताकि धनराशि का स्रोत छिपाया जा सके।इतना ही नहीं, गिरफ्तारी से बचने और सबूत नष्ट करने के लिए आरोपी इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर फेंक देता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा है।
बरामदगी ₹1,00,120 नकद (ठगी की धनराशि)गिरफ्तार अभियुक्त महेश कुमार पुत्र रामआसरे, निवासी खप्टिहाकला, थाना पैलानी, जनपद बांदा दर्ज अभियोग मु.अ.सं. 11/26
धारा 318(4)/238 बीएनएस
धारा 66D आईटी एक्ट
साइबर क्राइम पुलिस थाना, बांदा गिरफ्तारी करने वाली टीम
प्रभारी निरीक्षक राम मोहन राय (साइबर क्राइम थाना)
उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह
महिला उपनिरीक्षक स्नेहा
कांस्टेबल राहुल सिंह
कांस्टेबल ललित कुमार
कांस्टेबल दिनेश कुमार
कांस्टेबल ऋषिराज
कांस्टेबल अभिषेक मिश्रा
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सरकारी नौकरी और पदोन्नति के नाम पर होने वाली साइबर ठगी लगातार नए रूप ले रही है। अपराधी अब केवल फर्जी कॉल ही नहीं कर रहे, बल्कि विभागीय सूचनाओं का अध्ययन कर खुद को विश्वसनीय साबित करने की कोशिश भी कर रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को किसी भी नियुक्ति, चयन या पदोन्नति संबंधी दावे पर बिना आधिकारिक पुष्टि किए धनराशि का लेन-देन नहीं करना चाहिए। पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन समाज को भी जागरूक होकर ऐसे अपराधियों के खिलाफ सतर्क रहने की आवश्यकता है।
