उत्तरप्रदेश में जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक तरफ ये कह रहे हैं कि हमने, हमारी सरकार ने उत्तरप्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त कर दिया है हर गाँव में विकास की लहर है तो वहीं दूसरी तरफ गाँव की विकास स्थित पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं जहाँ गाँव के विकास के लिए आने वाली ग्राम निधि,मनरेगा की धनराशि का गवन कर बन्दर-बाँट किया जा रहा है गाँव की गलियों तथा नालियों की स्थिति बदहाल पड़ी है सरकारी बिल्डिंगो की मरम्मत के नाम पर मनमानी कर फर्जी तरीके से विकास के लिए आने वाली धनराशि का बन्दर बाँट का खेल खूब जोर-शोर से चल रहा है आखिर यह धनराशि जाती कहा है ऐसे में एक बड़ा सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि क्या इसमें बड़े अधिकारीयों का भी हाँथ तो नहीं है आपको बता दें कि आज जो स्थिति बीजेपी.शासित राज्य उत्तरप्रदेश में देखने को मिल रही है उसका जीता जागता सबूत है पड़री मरौरी जहाँ बीते 4 वर्षों से विकास के नाम पर बड़ी तादात में घोटाले हुए हैं विकास हुआ है जीरो आपको बता दें कि उत्तरप्रदेश के जनपद पीलीभीत के विकास खण्ड बिलसंडा के गाँव पड़री मरौरी की स्थिति इतनी बदहाल है कि कुछ कहा नहीं जा सकता है
जहाँ हजारों नहीं लाखों का घोटाला हुआ है तो ऐसे में विकास कहाँ से होगा आपको बता दें कि पड़री-मरौरी में 49 लाख का घोटाला सामने आया है जिसकी पोल अब खुल चुकी है
जानकारी के लिए बता दें कि प्रार्थी राम बहारे पुत्र रामविलास निवासी ग्राम पड़री मरौरी ने एक आर.टी.आई के माध्यम से 49 लाख के घोटाले की पोल खोली है जिसकी गॉव में जमीनी स्तर पर कई बार जांचें भी हो चुकीं हैं
