लखनऊ। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में डॉक्टर अंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ तथा किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर देश के लिए अत्यंत दुखद दिन है। बाबा साहेब आज हमारे बीच नहीं हैं, किंतु उनके संघर्ष, विचार और सुधारवादी दृष्टि आज भी समाज के प्रत्येक वर्ग को दिशा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हम सभी उन्हें नमन करते हैं और सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह शपथ लेते हैं कि बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए समाज का हर व्यक्ति आगे आए।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज में जाति आधारित भेदभाव और असमानता दिखाई देती है। लोगों पर जाति देखकर हमला किया जाता है, जाति देखकर सम्मान दिया जाता है, नौकरी, पदोन्नति और भविष्य भी कई बार जाति के आधार पर तय किया जाता है, जो कि भारतीय लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के विपरीत है।
इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहेब के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि “जाति तोड़ो, समाज जोड़ो, सबको बराबरी का हक दो, सबको शिक्षा और सबको सम्मान दो” — यही भारतीय संविधान की असली पहचान है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का मूल संदेश है कि राजा और रंक सब एक समान हैं, और इसी सिद्धांत को व्यवहार में लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

