सीतापुर, 22 जुलाई। डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने बुधवार को विधानसभा क्षेत्र सिधौली में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना की तथा कहा कि देश का शासन संविधान की भावना के अनुरूप चलना चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए सिद्धार्थ ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संविधान की मूल भावना के विपरीत विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा संविधान पर आधारित है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने दावा किया कि छात्रों को परीक्षा में पेपर लीक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, किसान खाद और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए परेशान हैं तथा व्यापारी और समाज के विभिन्न वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कई बार प्रशासन की ओर से कठोर कार्रवाई की जाती है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के अनुरूप नहीं है।
उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए सिद्धार्थ ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में कार्रवाई भेदभावपूर्ण तरीके से की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक के साथ अन्याय होता है तो उसे संविधान के तहत न्याय पाने का अधिकार है और सरकार को सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।
सिद्धार्थ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि वे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और सामाजिक आंदोलनों के प्रति सरकार का रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
अपने संबोधन के अंत में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका संगठन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि यदि जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो छात्र, किसान, मजदूर, व्यापारी, महिलाएं और युवा संविधान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन करेंगे।
कार्यक्रम में सोनम गौतम, राम लौटन बौद्ध, अभय प्रताप सिंह त्यागी, अनुज कुमार गौतम बौद्ध, विमला देवी, अब्दुल रहमान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

