उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले में सफलता हासिल की है। पुलिस ने जियो और एयरटेल कंपनी का एजेंट राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचता था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने 107 सिम कार्ड, दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री बरामद की है।यह गिरफ्तारी एक ऐसे मामले की जांच के दौरान हुई, जिसमें ठगों ने खुद को एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वॉड) का चीफ बताकर एक सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी को धमकाया और 4 नवंबर से 24 नवंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल 41 लाख 10 हजार रुपये जमा करा लिए। पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने और गिरफ्तारी की धमकी दी गई थी।
आरोपी की कार्यप्रणाली कैसे थी?राहुल कुमार (उम्र करीब 26 वर्ष), जो मुरादाबाद के कमला विहार कॉलोनी का निवासी है, पिछले दो साल से जियो और एयरटेल का एजेंट था।
वह मोहल्लों में घूमकर ग्राहकों को सिम पोर्ट या नई सिम जारी करता था।
गरीब और अशिक्षित लोगों को टारगेट कर, वह उनके नाम-पते पर अतिरिक्त सिम फर्जी तरीके से जारी कर लेता था।
ये अतिरिक्त सिम वह अपने फायदे के लिए साइबर अपराधियों को बेच देता था।
इस मामले में इस्तेमाल हुई सिम भी इसी तरह कूटरचित तरीके से जारी की गई थीं।
पुलिस अब संबंधित कंपनियों से इन फर्जी सिम की पूरी डिटेल प्राप्त कर रही है।
आरोपी को 13 दिसंबर 2025 को मुरादाबाद के करूला (मिया कॉलोनी) इलाके से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी साइबर क्राइम थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह की टीम ने की, जिसमें उ0नि0 रणधीर सिंह, मु0आ0 अखिलेश उपाध्याय, सुमेश यादव आदि शामिल थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर सेल प्रेस कॉन्फ्रेंस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बढ़ते साइबर फ्रॉड का खतरायह मामला देश में बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीरता को दर्शाता है। ठग अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई, एटीएस या अन्य सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। 2025 में साइबर फ्रॉड से देश को 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है, जिसमें वित्तीय ठगी सबसे बड़ा हिस्सा है।उत्तर प्रदेश में भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर ठगों ने लाखों-करोड़ों की धोखाधड़ी की है। सरकार और पुलिस लगातार ऐसे एजेंटों और नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सख्त नियमों की जरूरत है।पुलिस अधीक्षक फतेहपुर अनूप कुमार सिंह के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अज्ञात कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी या पैसे न दें और संदिग्ध मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन पर शिकायत करें।
