दलित चीफ जस्टिस पर जूता फिकर जाने की घटना की कड़ी निंदा की- सिद्धार्थ
लखनऊ, दिनांक 07/10/2025
डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) पर जूता फेंके जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल सुप्रीम कोर्ट के सम्मान पर हमला है, बल्कि दलित समाज के गौरव और न्यायपालिका की गरिमा पर भी आघात है।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि जूता फेंकने वाला व्यक्ति राकेश शर्मा न केवल देश की सर्वोच्च अदालत के माननीय मुख्य न्यायाधीश का अपमान कर रहा है, बल्कि उसने उस न्याय व्यवस्था का भी अपमान किया है, जो बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान से संचालित होती है। उन्होंने माँग की है कि केंद्र और राज्य सरकार तत्काल राकेश शर्मा के खिलाफ दलित उत्पीड़न अधिनियम (SC/ST Act) और मानहानि के गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजे।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में “दलित बचाओ – संविधान बचाओ – जज बचाओ” विशेष अभियान चलाएगा। यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहेगा, परंतु इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी यदि दोषी के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरती गई।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका देश का अंतिम और सर्वोच्च मंदिर है, और उसके सम्मान की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है। ऐसे कृत्य लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करते हैं और समाज में नफरत फैलाने का कार्य करते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
