डोटोपार में धड़ल्ले से चला रहे है अवैध ईंट भट्टा
अवैध ईंट संचालक के हौसले बुलंद
पलारी. गुरूर विकासखंड के ग्र्राम डोटोपार में षासन प्रशासन के नाक के नीचे दुर्गेशी राम द्वारा बिना रोकटोक के अवैध रूप से
ईंट भट्टा का संचालन होने से क्षेत्र के पूरा आबोहवा की सेहत बिगाड़ रहे हैं। ईंट भट्टा संचालक के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि ये बड़े पैमाने पर ईंट का निर्माण कर शासकीय व निजी जमीन का खनन कर राजस्व को होने वाले आय का भी नुकसान करते हुए ईट पकाने भट्टे की चिमनी से निकलने वाले धुएं में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा होने से लोगों में सांस की बीमारी अधिक हो रहे है पूरा क्षेत्र आग की राख धुल हवा के साथ उड़कर स्वास्थ्य पर प्रभाव, वातावरणीय, वातावरणीय क्षति, मृदा क्षरण, जलवायु परिवर्तन होने से आमजनों को नान प्रकार के संक्रामण के साथ इस प्रदूषण से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। इस अवैध ईंट भट्ठा संचालक द्वारा दूर दराज के मजदूरों को लाकर काम करा रहे है इन दूर दराज से आये हुए मजदूरों की सूचना षासन प्रशासन सहित पुलिस को सूचनार्थ भी नही किया गया है ईंट भट्ठा में मौजूद एक कर्मचारी से रिकार्डेड बातचीत की, जिससे इसका पर्दाफाश होता दिख रहा है कि यहां ईंट निर्माण को लेकर खनिज विभाग से अनुमति ही नहीं ली गई है। यहां चल रहे इस अवैध ईट भट्ठा के कारण फैल रहे प्रदूशण से कई किसान, मजदूर खेतों की ओर नही जा पा रहे है इस अवैध ईंट भट्टा में अवैध तरीके से मिट्टी, चोरी की बिजली और पानी का उपयोग किया जा रहा है. इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खनिज विभाग से ईंट-भट्ठा संचालित करने के लिए अनुमति प्रदान नहीं की गई है। इस अवैध ईंट भट्ठा संचालक धरती का सीना चीर कर लाखों रुपये का वारा न्यारा करने में लगे हुए हैं
षासन प्रशासन मेरा कुछ नही बिगाड़ सकते- दुर्गेशी राम
यहां संचालित अवैध ईंट भट्ठा संचालक दुर्गेशी राम का कहना है कि धान कटाई के बाद धान पराली जलाने वाले किसानों द्वारा षासन द्वारा कार्रवाही किया गया लेकिन मेरे द्वारा यहां संचालित इस ईंट भट्ठा का तहसीलदार, एसडीएम सहित कहीं भी शिकायत कर लो मेरे पर ऊपर कोई कार्रवाही नही होगा
ईंट भट्ठा चलाने के लिए अनुमति लेना जरूरी
अवैध ईंट भट्ठा संचालक दुर्गेशी राम के पास ईंट भट्ठा चलाने के लिए अनुमति संबंधित कोई कागजात कुछ भी नहीं है, जबकि
पर्यावरण लाइसेंस व प्रदूषण विभाग से एनओसी जारी होना चाहिए ईट भट्टा चलाने के लिए जिला पंचायत, प्रदूषण विभाग और पर्यावरण विभाग की अनुमति लेना जरूरी है। लेकिन इन सभी नियमों को दरकिनार कर ईंट बनाए जा रहे हैं। कहीं भी ईंट भट्ठा खोलने के लिए खनिज विभाग की अनुमति जरूरी होती है। खेत में भी अगर ईंट बना रहे हैं तो कृषि विभाग की सहमति जरूरी है।
काटे जा रहे हरे-भरे पेड़
इस अवैध ईट भट्ठा में ईंट पकाने के लिए अवैध रूप से हरे भरे पेड़ां को काटकर खपाई जा रही हैं। सागौन, महुआ, जाम, साजा जैसे अनमोल पेड़ों को भी काटने की शिकायत मिल चुकी है। यूं कहें कि पेड़ों को काटकर ईंट पका रहे हैं
