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किसानों के अधिकारों की रक्षा, उत्पीड़न की रोकथाम एवं विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने के संबंध में
1. उद्देश्य एवं दायित्व
राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) का प्रमुख उद्देश्य किसानों के संवैधानिक, कानूनी, सामाजिक एवं आर्थिक अधिकारों की रक्षा करना होगा। संगठन किसानों के हितों से जुड़े प्रत्येक विषय पर सजग रहकर उनके सम्मान, आजीविका, भूमि, फसल, जल, पर्यावरण एवं जीवन की सुरक्षा हेतु निरंतर संघर्ष करेगा।
2. उत्पीड़न एवं शोषण के विरुद्ध संघर्ष
संगठन किसानों के साथ किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न, अन्याय, भेदभाव, जबरन वसूली, अवैध कब्जा, फर्जी मुकदमे, प्रशासनिक उत्पीड़न, साहूकारों, कंपनियों, माफियाओं, ठेकेदारों अथवा किसी भी व्यक्ति/संस्था द्वारा किए गए अत्याचारों के विरुद्ध प्रभावी ढंग से आवाज उठाएगा और उन्हें रोकने का हरसंभव प्रयास करेगा।
3. संज्ञान लेने का अधिकार
संगठन को यह अधिकार होगा कि वह किसानों से संबंधित किसी भी समस्या, घटना या उत्पीड़न का स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) ले सके अथवा प्रभावित किसान/परिवार से प्राप्त प्रार्थना पत्र, आवेदन या शिकायत के आधार पर कार्यवाही प्रारंभ कर सके।
4. विभागीय एवं प्रशासनिक कार्यवाही
संगठन किसानों से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों जैसे—राजस्व विभाग, कृषि विभाग, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण, औद्योगिक प्राधिकरण एवं अन्य शासकीय विभागों से पत्राचार कर विभागीय एवं विधिसम्मत कार्यवाही सुनिश्चित कराने का प्रयास करेगा।
5. जांच एवं तथ्य संकलन
आवश्यकता पड़ने पर संगठन जांच समिति गठित कर स्थल निरीक्षण, साक्ष्य संकलन, पीड़ित किसान का बयान एवं दस्तावेजों की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करेगा तथा उसे संबंधित अधिकारियों, आयोगों एवं उच्च स्तर तक प्रेषित करेगा।
6. न्याय दिलाने हेतु लोकतांत्रिक संघर्ष
यदि किसानों को प्रशासनिक या विभागीय स्तर पर समयबद्ध न्याय नहीं मिलता है, तो संगठन संविधान एवं कानून के दायरे में रहते हुए पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन, जनसभा, चौपाल, पदयात्रा, ज्ञापन, प्रेस वार्ता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को न्याय दिलाने हेतु संघर्ष करेगा।
7. विधिक सहायता एवं न्यायालयीन कार्यवाही
आवश्यक होने पर संगठन किसानों के हित में सक्षम न्यायालय, अधिकरण अथवा आयोग में वाद, याचिका अथवा जनहित याचिका (PIL) दायर करने हेतु विधिक सहायता प्रदान करेगा।
8. समग्र लक्ष्य
इस अध्याय का लक्ष्य किसानों को शोषण एवं उत्पीड़न से मुक्त कर सम्मानजनक जीवन, सुरक्षित आजीविका एवं उनके संवैधानिक अधिकारों की पूर्ण रक्षा सुनिश्चित करना होगा।

