PM मोदी ने छात्रों से संवाद में कहा कि साथियों अभी आपकी जिंदगी SRCC मोड पर चल रही है। इसमें कोल्ड कॉफी पर होने वाली चर्चा, एग्जाम में एन टाइम पर होने वाली मेहनत और बिजनेस कॉन्क्लेव पर की गई मेहनत शामिल है। लेकिन इस कैंपस के बाहर आपको एक अलग दुनिया मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (5 सितंबर) को दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 साल के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इशारों-इशारों में विपक्ष पर करारा प्रहार किया। उन्होंने युवाओं से संवाद के दौरान कुछ उदाहरण भी दिए, जब विपक्ष ने नाराज फूफा की तरह अपनी प्रतिक्रिया दी।
पीएम मोदी ने कॉलेज स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए ऐसे लोगों से सचेत रहने की सलाह दी है जो हर अच्छे काम पर फूफा की तरह नाराज हो जाते हैं।
अभी जिंदगी SRCC मोड में चल रही- PM
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश अपने संकल्पों को सिद्धि में बदलने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अभी उनकी जिंदगी एसआरसीसी मोड में चल रही है। कैंपस की चाय, दोस्तों के साथ होने वाली चर्चाएं, कोल्ड कॉफी पर बैठकर बातचीत, परीक्षा के आखिरी वक्त में नोट्स और प्रिंटआउट के लिए भागदौड़ ये सभी पल जीवन की यादें बन जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि क्रॉसरोड्स और बिजनेस कॉन्क्लेव जैसी गतिविधियों में छात्रों की मेहनत भी उनकी कॉलेज लाइफ का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे कैंपस से बाहर निकलने के बाद उनकी दुनिया में बदलाव आएगा।
कैंपस के बाहर दो तरह के लोग मिलेंगे- PM मोदी
उन्होंने युवाओं से कहा, कैंपस के बाहर आपको एक नई दुनिया मिलेगी। आपको दो तरह के लोग मिलेंगे। एक वो लोग जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं। दूसरी प्रजाति उन लोगों की है जो कोई भी काम शुरू होने पर नाराज फूफा बन जाते हैं। उनका फेवरेट काम होता है हर काम का विरोध करना। इनका एक ही डायलॉग होता है- इसकी क्या जरूरत है? यह हर फूफा का परमानेंट डायलॉग होता है। जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बना रहे थे तब फूफा जी ने कमर कस ली, कहा इसकी जरूरत ही क्या है। हमने हाईस्पीड ट्रेन पर काम शुरू किया, तो फूफा जी फिर बोले इसकी जरूरत ही क्या है। हम UPI लेकर आए तो यही फूफा लोग कहते थे- UPI क्यों? UPI की जरूरत ही क्या है। हमने चीप बनाने की बात की तो फिर कहा गया इसकी जरूरत ही क्या है। हमने संसद की नई इमारत बनाई, तब भी उन्होंने फिर कहा- इसकी क्या जरूरत है?
नाराज फूफा हर काम में टांग अड़ाएंगे
पीएम मोदी ने कहा, हमने देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने और सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे वीर सैनिकों के लिए स्मारक बनाया, तो फूफा फिर मैदान में आ गए और पूछने लगे- इसकी क्या जरूरत थी? लेकिन भारत ने इन सभी फूफाओं को जवाब दिया। देश के लिए जो जरूरी है, उसे करने से भारत को कोई नहीं रोक सकता।
छात्रों को दिया जीवन का मूल मंत्र
उन्होंने छात्रों को जीवन का मूल मंत्र देते हुए कहा कि मैं जानता हूं सच की हुंकार के आगे झूठ की गूंज टिक नहीं सकेगी। वे कहते हैं, ये मोदी है। जो माई-बाप कल्चर की हिमायती हैं, उनके सामने चट्टान बनकर खड़ा है। मेरे अंदर हिम्मत है, इसलिए उस दिन जो कहा था, आज उसकी याद भी दिला रहा हूं। मैं अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आपके सामने आया हूं।
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पीएम मोदी ने अपने पुराने भाषण का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा, 2013 में इसी प्रोग्राम में जब मैंने कहा था कि हमें मेड इन इंडिया पर काम करना है, तो उस समय के इकोसिस्टम के लोग इसे समझ ही नहीं पाए थे। उन्हें लगता था कि उस निराशा के दौर में मेड इन इंडिया संभव ही नहीं हो पाएगा। जो लोग उस सोच के साथ पले-बढ़े हैं, वे आज भी मेड इन इंडिया का मजाक उड़ाते हैं। लेकिन आज आप मेक इन इंडिया की ब्रांड वैल्यू देख रहे हैं।

