मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील स्थित बराज गांव में जहरीली शराब का सेवन करने से एक भयानक त्रासदी सामने आई है। शनिवार और रविवार की रात हुई इस दुखद घटना में अब तक 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य ग्रामीणों की हालत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा तहसील अंतर्गत बराज गांव में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस भयावह हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया समेत प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि मृतकों ने यह जहरीली शराब कहां से खरीदी थी और इस अवैध कारोबार के पीछे कौन लोग संलिप्त हैं।
आबकारी विभाग की गंभीर लापहरवाही
इस भीषण त्रासदी ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और उसकी सुस्ती पर बहुत बड़े व गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले ही शहर के एक लाइसेंसी शराब ठेकेदार ने बांबे व्हिस्की के नाम से बाजार में धड़ल्ले से बिक रही नकली और जहरीली शराब की आधिकारिक शिकायत आबकारी कार्यालय में दर्ज कराई थी। हालांकि, आरोप है कि इतनी संवेदनशील और गंभीर सूचना मिलने के बावजूद विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कोई भी ठोस या अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिसका खामियाजा निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
चेतावनी को किया गया नजरअंदाज
हादसे से महज चार दिन पहले आयोजित आबकारी विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक में लाइसेंसी ठेकेदारों ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फल-फूल रहे अवैध शराब के कारोबार और नकली शराब की खुलेआम बिक्री को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बावजूद लापरवाह अधिकारियों ने इस स्पष्ट चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। नौ ग्रामीणों की अकाल मौत के रूप में सामने आया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
वहीं घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए तरबर सिंह लोधी ने इस दर्दनाक हादसे के लिए आबकारी विभाग की आपराधिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही, उन्होंने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और अवैध शराब का कारोबार चलाने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रतिभा पाल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही, उन्होंने प्रशासनिक अमले को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
सागर के सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया ने अस्पताल में भर्ती अन्य प्रभावित लोगों के इलाज की निगरानी करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य टीमों को गंभीर मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा रही है।
