विधायक आशा मौर्य एवं खंड शिक्षा अधिकारी सतीश मिश्रा की मौजूदगी में शिक्षकों का हुआ सम्मान
महमूदाबाद (सीतापुर)। किस्मत द्विवेदी।
शिक्षक दिवस के अवसर पर बीआरसी महमूदाबाद में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक माननीय आशा मौर्य जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी श्री सतीश मिश्रा जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान क्षेत्रीय विधायक आशा मौर्य एवं खंड शिक्षा अधिकारी सतीश मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति में शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों के शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान, समर्पण और सेवाभाव की सराहना की गई।
गुरु की महिमा अपरंपार—आशा मौर्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक आशा मौर्य ने कहा कि गुरु की महिमा अपरंपार है। शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा कि “शिक्षा वह दूध है, जो पिएगा वह घर जाएगा।” जब देश के लोग शिक्षित होंगे, तभी देश तरक्की करेगा। शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बदलने के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।
विधायक ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का महत्व और भी बढ़ गया है। आधुनिक युग में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान देना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
आधुनिक एवं कंपोजिट विद्यालयों से मजबूत हो रही शिक्षा व्यवस्था
विधायक आशा मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। आधुनिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण तथा विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे प्रतिभा के मामले में किसी से कम नहीं हैं। जरूरत है कि उन्हें बेहतर शैक्षिक वातावरण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने में शिक्षक, अभिभावक और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है।
“आधी रोटी खाओ, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाओ”
समारोह में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका किस्मत द्विवेदी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा को लेकर अभिभावकों को विशेष रूप से जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा—“आधी रोटी खाओ, परंतु बच्चों को जरूर पढ़ाओ।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके द्वारा बच्चे अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं। आर्थिक परिस्थितियां कैसी भी हों, अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान को शिक्षा के सम्मान के समान बताया।
शिक्षकों को सम्मानित कर बढ़ाया उत्साह
शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से शिक्षकों का उत्साह बढ़ता है और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और बेहतर ढंग से निभाने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य का निर्माण करते हैं। आज विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे ही कल डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, शिक्षक, वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों में देश की सेवा करने वाले नागरिक बनेंगे। इसलिए शिक्षकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय शैक्षिक संघ के पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक संघ महमूदाबाद के अध्यक्ष तथा महामंत्री पुनीत वर्मा सहित संगठन से जुड़े शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शुभकामनाएं दीं तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं, सम्मान और अधिकारों के प्रति समाज को संवेदनशील होना चाहिए। शिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हुए बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य करते हैं।
शिक्षा से ही होगी देश की उन्नति
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा किसी भी देश की उन्नति का सबसे मजबूत आधार है। जिस देश के नागरिक शिक्षित और जागरूक होते हैं, वह देश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को जागरूक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने का माध्यम भी है। इसलिए समाज के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में राहुल वाल्मीकि, नरेंद्र वर्मा, मानवेंद्र, राहुल राय, श्रीकृष्ण तिवारी सहित तमाम गणमान्य लोग, शिक्षक-शिक्षिकाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
शिक्षकों के योगदान को किया गया नमन
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह में शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा गया कि एक शिक्षक की मेहनत का परिणाम केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ता है।
शिक्षक अपने विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास पैदा करते हैं। विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि भारतीय परंपरा में गुरु को विशेष सम्मान प्राप्त है।
समारोह में शिक्षकों ने भी संकल्प लिया कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे।
कार्यक्रम में दिखा उत्साह
बीआरसी महमूदाबाद परिसर में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल रहा। शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में खुशी दिखाई दी। अतिथियों ने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। समारोह का समापन शिक्षा को बढ़ावा देने तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने के संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि शिक्षित बच्चे ही मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र की नींव हैं। इसलिए प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

