पांच माह से अनवरत जारी है अधिवक्ताओं का शांतिपूर्ण आंदोलन
पांच माह से अनवरत जारी है अधिवक्ताओं का शांतिपूर्ण आंदोलन
गोरखपुर/सहजनवा तहसील सहजनवा में ग्राम न्यायालय की स्थापना को लेकर अधिवक्ताओं का शांतिपूर्ण आंदोलन लगातार पांचवें महीने में प्रवेश कर गया है। क्षेत्र की जनता को सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से तहसील के समस्त अधिवक्तागण ने अब इस जनहितैषी मांग को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सहजनवा के माध्यम से प्रेषित किया है।
ज्ञापन में अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अवगत कराया है कि विगत पांच माह से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस / तहसील दिवस के अवसर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया जा रहा है।अधिवक्ताओं का कहना है कि सहजनवा तहसील में ग्राम न्यायालय न होने के कारण क्षेत्र के गरीब, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग के वादकारियों को छोटे-छोटे विवादों के लिए भी जिला मुख्यालय गोरखपुर की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे उनके बहुमूल्य समय और सीमित धन दोनों की भारी क्षति होती है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि यदि सहजनवा में ग्राम न्यायालय की स्थापना होती है तो स्थानीय स्तर पर ही मुकदमों का त्वरित निस्तारण संभव हो सकेगा। यह कदम प्रदेश सरकार के न्याय सबके द्वार के संकल्प को सार्थक और सिद्ध करने वाला होगा।अधिवक्ताओं ने विनम्र आग्रह किया है कि जनहित और वादकारियों की सुविधा को देखते हुए तहसील सहजनवा में अविलंब ग्राम न्यायालय की स्थापना हेतु संबंधित अधिकारियों को आदेशित किया जाए तथा पिछले पांच माह, से आंदोलित अधिवक्ताओं की जायज मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर इस गतिरोध को समाप्त कराया जाए। भूपेश कुमार त्रिपाठी एडवोकेट, विजय नारायण त्रिपाठी उमेश चंद जाहिद हुसैन सुनील शुक्ला सुधाकर विजय नारायण त्रिपाठी इत्यादि अधिवक्ता गण मौजूद थे।

