बिसवां संवाददाता सुमन
सीतापुर/मानपुर जल जीवन मिशन योजना के तहत बनी पानी की टंकी से घरों में भले ही जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, लेकिन नलकूप से खेतों में सिंचाई की जा रही है। इसमें किसानों से वसूली कर योजना को कमाई का जरिया बना लिया गया है।
बिसवां ब्लॉक क्षेत्र के गांव जमौरा में जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण हो चुका है। गांव में अभी पाइप लाइन का काम अधूरा पड़ा है। वहीं नलकूप बनाकर चालू कर दिया गया है। योजना का उद्देश्य है कि हर घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। काम की धीमी प्रगति के चलते अभी घरों में पानी नहीं पहुंच सका है। इससे ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं टंकी के लिए बने नलकूप को कमाई का जरिया बना लिया गया है। इस नलकूप से प्लास्टिक की पाइप लगाकर खेतों की सिंचाई कर किसानों से वसूली का खेल चल रहा है। किसानों के अनुसार निजी नलकूपों से 250/प्रति बीघा सिंचाई का किराया जाता है, जबकि टंकी के नलकूप से सिंचाई करने पर 150 से 200 रुपये ही किराया देना पड़ता है। वहीं पाइप लाइन अधूरी होने के साथ घरों में पानी न पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी भी है।नलकूप ऑपरेटर प्रधान द्वारा लगाया जाता है। स्थानीय होने के चलते नलकूप ऑपरेटर छोटकन खेतों की सिंचाई कर रहा हो ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों में पानी भराई बागों की सिंचाई एवं गेहूं की सिंचाई जब से टंकी बनी है तब से हो रही है टंकी एक कमाई का जरिया बना है

