गीडा, गोरखपुर
नेपाल में शराब बिक्री को लेकर अक्सर चर्चाएं होती हैं, लेकिन अब उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र गीडा में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आने के आरोप लग रहे हैं। यहाँ कुछ देशी शराब की दुकानों पर निर्धारित समय से पहले ही बिक्री शुरू हो जाने के कथित आरोपों ने आबकारी और पुलिस विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र की कुछ दुकानों पर सुबह तय समय से काफी पहले ही शटर के अंदर से शराब की बिक्री की जा रही है। इससे भी अधिक चिंताजनक आरोप बाइक सवारों को लेकर है। बताया जा रहा है कि बाइकों के जरिए घर-घर और ठेले-खोमचे वालों तक सुबह-सुबह शराब पहुंचाई जा रही है।
यदि ये आरोप सही हैं तो यह सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है। उत्तर प्रदेश में देशी शराब की बिक्री का समय सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित है, इससे पहले बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल जवाबदेही का है।जिन बाइकों से कथित रूप से शराब की आपूर्ति की जा रही है, क्या पुलिस उनके नंबरों के आधार पर पहचान कर कार्रवाई करेगी। जब स्थानीय लोगों को खुलेआम हो रही इस बिक्री की जानकारी है, तो आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस इससे अनभिज्ञ कैसे है। आरोप सामने आने के बाद भी संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान या जांच की बात सामने नहीं आई है, जिससे उनकी चुप्पी पर भी चर्चा तेज हो गई है।फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है, लेकिन स्थानीय लोग चाहते हैं कि पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से इसकी निष्पक्ष जांच करे।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में नियमों का पालन कराने के लिए ठोस कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी सब ठीक है कहकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। उपरोक्त मामले में अपर आयुक्त आबकारी विभाग के अधिकारी अरविंद कुमार मौर्य से पूछने पर उन्होंने बताया जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

