गोरखपुर। कैंट थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खातों के जरिए लाखों रुपये का कथित फर्जीवाड़ा करने के मामले में 25 हजार रुपये के इनामी और वांछित आरोपी नीतीश कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा अपराध संख्या 465/2024 दर्ज है। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी नीतीश कुमार यादव देवरिया जिले के भाटपाररानी थाना क्षेत्र के जोगउर गांव का निवासी है।
पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी पर कूटरचना कर पांच व्यक्तियों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल पुलिस और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीच प्रचलित एमओयू का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए विभिन्न बैंक शाखाओं में PSP खाते खुलवाने में किया गया। इसके बाद इन्हीं खातों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कुल करीब 52 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण प्राप्त किए जाने का आरोप है।
मामले की शुरुआत महाराजगंज जिले के कोतवाली थाने में प्राप्त शिकायत से हुई थी। शिकायत के आधार पर वहां मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में प्रकरण स्थानांतरित होकर गोरखपुर के कैंट थाने में पंजीकृत हुआ, जहां पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अभियान के तहत कैंट पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने, बैंक खातों के संचालन और ऋण प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। खासतौर पर यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि पांच व्यक्तियों के नाम पर दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए और बैंक की विभिन्न शाखाओं में खाते खुलवाने तथा ऋण स्वीकृत कराने में किन लोगों की भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन और कैंट पुलिस की टीम की कार्रवाई के बाद 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी को मामले में अहम सफलता माना जा रहा है।

