रांची में JPSC-JSSC के खिलाफ छात्र आंदोलन जारी है. देवेंद्र महतो की भूख हड़ताल 8वें दिन पहुंच गई है. सरकार ने ED जांच का भरोसा दिया, लेकिन लिखित आश्वासन की मांग पर छात्र अड़े हैं.
JPSC-JSSC में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ रांची में छात्र आंदोलन चल रहा है. सरकार और छात्रों के बीच रविवार को फिर करीब छह घंटे तक बातचीत हुई. सरकार की ओर से आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश की गई, लेकिन छात्रों ने अभी अंतिम सहमति नहीं दी है. अब छात्र प्रतिनिधि आपस में चर्चा के बाद सरकार को बताएंगे कि इन प्रस्तावों पर सहमति बनती है या नहीं. यानी 14वीं JPSC पर सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है और 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सरकार ने सहमति जताई है, लेकिन JSSC-CGL रद्द करने और CBI जांच की मांग पर गतिरोध बरकरार है.
इस बीच, छात्रों ने साफ किया है कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव का कार्यक्रम जारी रहेगा. यानी बातचीत का दौर जारी रहने के बावजूद आंदोलन और विधानसभा घेराव फिलहाल टला नहीं है. दूसरी ओर, आंदोलन के सूत्रधार देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज 8वां दिन, जबकि सत्याग्रह का 16वां दिन है. सरकार द्वारा गठित हाईलेवल कमिटी के चार मंत्रियों ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है.
महतो ने साफ कहा कि मांगें लिखित रूप में पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी. लिखित आश्वासन के बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा, सत्याग्रह जारी रहेगा. हालांकि मंत्रियों ने मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा देते हुए से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया.
आइए जानें किन मुद्दों पर बनी सहमति और किन पर बरकरार है गतिरोध
- 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सरकार ने सहमति जताई, छात्रों के मुताबिक आज की वार्ता के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर इस मुद्दे को आगे देखा जाएगा.
- TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर भी छात्रों ने अपना रुख स्पष्ट रखा.
- सरकार रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमिटी से जांच कराने के पक्ष में है, जबकि छात्र CBI जांच की मांग पर अड़े हैं. इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी.
- आपराधिक मामलों की जांच CID और आर्थिक मामलों की जांच ED से कराने की बात कही गई है.
- मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात भी सामने आई.
- जांच प्रक्रिया में IIM और XLRI के विशेषज्ञों से राय लेने का प्रस्ताव है.
- JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के मुद्दे पर बातचीत नहीं बन सकी.
- सरकार का तर्क है कि JSSC की परीक्षा को रद्द करने का अधिकार/क्षमता इस स्तर पर नहीं है, क्योंकि मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में आ चुका था और फिर नियुक्तियों हुई है, उसके अभ्यर्थी नौकरी में आ चुके है.
- सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि CGL से जुड़े कुछ अभ्यर्थी पहले से नौकरी कर रहे हैं, इसलिए परीक्षा रद्द करने का मामला और जटिल है.
- सरकार ने कहा कि CID की जांच के ऊपर रिटायर्ड जज की निगरानी रखी जाएगी। जांच को लेकर कोई शिकायत होने पर संबंधित पक्ष उस कमिटी के समक्ष जा सकता है.
सरकार की कमेटी ने छात्रों को दिया ये भरोसा
देवेंद्र नाथ महतो गुट से बातचीत में सरकार की कमेटी ने अहम आश्वासन दिए. आइए जानें वे आश्वासन क्या हैं-
- परीक्षा धांधली मामले में वित्तीय लेन-देन की जांच ED से कराने को सरकार तैयार.
- फिलहाल तीन परीक्षाएं रद्द की जाएंगी — JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं JPSC प्रीलिम्स.
- TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच होगी.
- JPSC और JSSC में रिफॉर्म के लिए सरकार IIM और XISS जैसे संस्थानों की मदद लेगी.
आंदोलनकारी छात्र अड़े, कल विधानसभा घेराव
आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं और 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया है. प्रस्तावित झारखंड विधान सभा घेराव को लेकर आंदोलनरत छात्रों ने अपील की की गयी है. छात्रों की अपील में कहा गया है-
- सुबह 10 बजे से पहले पुराने विधान सभा के पास पहुंच जाएं, वहीं से नई झारखंड विधान सभा की ओर कूच करेंगे.
- विधानसभा मार्च शांतिपूर्ण होगा. किसी भी तरह की उत्पात और हुड़दंगई नहीं करना है.
- पूरे देश में हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन की प्रशंसा हो रही है, इसलिए सरकार दबाव में है. आगे भी आंदोलन को खराब नहीं होने देना है.
- हमें अपनी सभी मांगों को मनवाना है, इसलिए आप चट्टानी एकता का परिचय देते हुए भारी से भारी संख्या में पहुंचें.
- ध्यान रहेआपकी जितनी अधिक संख्या होगी, उतना हम सब की ताकत मज़बूत होगी.
- आज ही रांची पहुंच जाएं, कल बसों को रोका जा सकता है, जिनके यहां से ट्रेन की सुविधा है, वो ट्रेन से आएं.
छात्रों के साथ होगा न्याय… बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित दो दिवसीय “झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 ” के दौरान उन्होंने कहा कि आदिवासी महोत्सव के साथ साथ कुछ युवा आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार साफ करना चाह रही है कि आपके साथ न्याय होगा. सरकार सभी अपनों की बात सुन रही है.
उन्होंने कहा कि आज अपने हक और अधिकार के लिए युवा धरने पर बैठे हैं.सरकार के गतिविधि के वजह से ही युवा धरने पर बैठे हैं, क्योंकि हमने चोरी पकड़ ली है. युवाओं को न्याय के साथ-साथ चोरी करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी.
उन्होंने कहा कि आप भरोसा रखिये. हम इसी मिट्टी से बने हैं और इसी में दफन हो जायेंगे. राज्य के युवा भरोसा रखें. इसे राजनीति चश्मे से नहीं देखना चाहिए. कुछ ऐसे लोग हैं, जो इस आंदोलन के जरिए अपनी रोटी सेंकने की कोशिश में हैं.
युवा किसी के झांसे में ना आएं: सीएम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से अपील की कि आपको किसी राजनीतिक दल की क्षत्रछाया कि जरूरत नहीं है. ना ही उनकी राजनीति और ना ही किसी और की. आप अपने हक के लिए लड़ रहे हैं. आपको आपका अधिकार जरूर मिलेगा. देश के कई राजनीति दल नजर बनाये हुए हैं, जिससे छात्रों को दिग्भ्रमित करें. लेकिन युवा किसी के झांसे में ना आएं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास युवा अपनी बात लेकर आएं. उनकी बात को सरकार सुनेगी. ये आपकी सरकार है. अब सिर्फ युवाओं की बात आंदोलन के जरिए नहीं, बल्कि आप घर में बैठकर भी अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकते हैं. ये सरकार आपकी है. इसमें सभी कि आवाज सुनी जाएगी.
उन्होंने कहा कि कई आंदोलन देश मे ऐसे हुए हैं, जहां छात्रों पर लाठी चली, पैलेट गन दाग दिए गए. इससे भी बात नहीं बनी तो देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन कुछ लोग भूल गए हैं कि ये देश बाबा भीमराव आंबेडकर का है, उनका संविधान हमें लड़ने की ताकत देता है.

