आगरा: गेस्ट हाउस में देह व्यापार का अड्डा चल रहा था, पुलिस ने छापा मारकर किशोरी व युवती को कराया मुक्त
आगरा। एकता थाना क्षेत्र के धांधूपुरा स्थित नगला डीम में संचालित दी ताज पेइंग गेस्ट हाउस में देह व्यापार का अड्डा चलाए जाने की सूचना पर पुलिस ने शुक्रवार देर रात छापा मारा। ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने एक किशोरी और एक युवती को मुक्त कराया, जबकि गेस्ट हाउस संचालक अनिल कुमार और उसकी महिला साथी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों से 44 हजार रुपये बरामद किए हैं।
एनजीओ की सूचना पर बनाई गई कार्यवाही की योजना
प्रयागराज स्थित संस्था फ्रीडम फार्म ने गेस्ट हाउस में अनैतिक गतिविधियों की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने जांच की जिम्मेदारी एसीपी सैंया डॉ. सुकन्या शर्मा को सौंपी।
देह व्यापार की पुष्टि के लिए दो पुलिसकर्मियों को ग्राहक बनाकर गेस्ट हाउस भेजा गया। संचालक अनिल ने उनसे तीन हजार रुपये लेकर युवतियां उपलब्ध कराने की बात कही, जिसके बाद पुलिस टीम ने देर रात 12 बजे छापा मारा।
महिला बेरोजगार व कमजोर लड़कियों को फंसाती थी
गिरफ्तार महिला रकाबगंज की रहने वाली है। जांच में सामने आया कि वह बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर किशोरियों एवं युवतियों को अपने जाल में फंसाकर देह व्यापार में धकेलती थी।
वह पार्कों और ठेलों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर नजर रखती और कम समय में अधिक कमाई का लालच देकर लड़कियों को तैयार करती थी।
मुक्त किशोरी को ‘आई लव सेल्फी प्वाइंट’ से 1000 रुपये के लालच में तैयार किया गया था, जबकि युवती को 3000 रुपये में पूरे दिन के लिए बुक किया गया था।
तीन महीने से देह व्यापार में थी युवती
गेस्ट हाउस से मिली युवती विवाहित है। पति की बेरोजगारी के चलते वह तीन महीने पहले देह व्यापार में उतरी। उसने अपने स्वजन को ताजगंज के होटल में नौकरी करने की बात बताई थी।
देह व्यापार छोड़ने पर महिला सहयोगी उसे बदनाम करने की धमकी देती थी।
गेस्ट हाउस महीने के 30 हजार में लिया था
पूछताछ में संचालक अनिल कुमार ने बताया कि वह महिला को पहले से जानता था। बातचीत के बाद उसने 30 हजार रुपये महीने पर गेस्ट हाउस लिया था।
आरोपित प्रेमी युगलों को भी घंटों के हिसाब से कमरा किराए पर देते थे। तलाशी में कमरों से शराब की बोतलें और अन्य आपत्तिजनक सामान मिला।
कार्रवाई
अनिल कुमार और उसकी महिला साथी के विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार (Prevention of Immoral Trafficking Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुक्त कराई गई किशोरी को आशा ज्योति केंद्र भेजा गया, जबकि युवती को उसके स्वजन के सुपुर्द कर दिया गया है।

