तरीके से कोडिंग कफ सिरप है लोगों के जान के लिए घातक। उसी तरीके से अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक कर रहे है लोगों की जान के साथ खिलवाड़।
महिला अस्पताल के सामने धड़ल्ले से संचालित हो रहा है अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथालॉजी।
स्वास्थ्य विभाग के मिलीभगत से संचालित हो रहे हैं अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथालॉजी। पीएनडीटी साइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए चाहिए होते हैं डॉक्टर की डिग्री। लेकिन कुछ तो बगैर डिग्री के ही संचालित है रहे हैं अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथालॉजी। गली के भीतर एक कमरे में भी ऑपरेशन जैसी क्रिया को भी किया जा रहा है संचालित।
मौके पर टीम के साथ पहुंचने पर मकान में ताला जड़ कर फरार हुए लोग।
सब्जी की दुकान की तरह खोल रखे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी सेंटरों के संचालकों में मचा हड़कंप।लोग डिग्रियां खरीद कर करा ले रहे हैं रजिस्ट्रेशन लेकिन सेंटर पर अप्रशिक्षित लोग ही कर रहे हैं गर्भवती महिलाओं का इलाज। अप्रशिक्षित लोगों के कारण ही गर्भवती महिलाओं के जान के साथ हो जाती है अनहोनी। स्वास्थ्य विभाग ऐसे सेंटरों पर कब करेगा कार्यवाही है बड़ा सवाल। पीएनडीटी के लाइसेंस बांटने वाले एसीएमओ होते हैं जिम्मेदार।
जिम्मेदारों को सुविधा शुल्क मिलने के बाद मिल जाता अवैध संचालकों को गर्भवती महिलाओं के साथ जान से खिलवाड़ करने का पूरा मौका।
