(आगरा): तहसील क्षेत्र के गांव नगला गुरु दयाल में पारिवारिक बंटवारे की आग ने भाईचारे के रिश्ते को झुलसा कर रख दिया है। दो भाइयों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद इस कदर बढ़ा कि मारपीट तक जा पहुँचा। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस न्याय करने के बजाय उलटे उन्हीं पर दबाव बना रही है।जानकारी के अनुसार, विवाद घरेलू जमीन और संपत्ति के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था। आरोप है कि छोटे भाई ने दबंगई दिखाते हुए अपने ही बड़े भाई और उसके परिवार पर हमला कर दिया। इस मारपीट में बड़ा भाई और उसके परिजन चोटिल हुए हैं।
पीड़ित का आरोप: "पुलिस ने नहीं ली तहरीर, उल्टा मुझ पर ही लिख दिया मुकदमा"घटना के बाद जब पीड़ित बड़ा भाई न्याय की आस लेकर एत्मादपुर थाने पहुँचा, तो उसे वहां से निराशा हाथ लगी। पीड़ित का आरोप है कि:पुलिस ने उसकी शिकायत (तहरीर) लेने से साफ़ इनकार कर दिया।विपक्षी (छोटे भाई) के प्रभाव में आकर पुलिस ने उल्टा पीड़ित के खिलाफ ही मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया।
अब पीड़ित पक्ष न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।क्षेत्र में पुलिस की भूमिका पर चर्चा इस घटना के बाद से नगला गुरु दयाल और आस-पास के ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस का काम निष्पक्ष जांच करना है, न कि किसी एक पक्ष के दबाव में आकर पीड़ित को ही मुजरिम बना देना। स्थानीय लोगों को डर है कि पुलिस के इस रवैये से गांव में तनाव और बढ़ सकता है।अपनी ही थाने में सुनवाई न होने के बाद पीड़ित परिवार ने अब जिले के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सीसीटीवी या चश्मदीदों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कानून पर आम आदमी का भरोसा बना रहे।

