किसान एवं नागरिकों के सर्वांगीण विकास हेतु शिक्षा संस्थानों की स्थापना एवं संसाधन संग्रह के संबंध में
1. उद्देश्य
राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) का उद्देश्य किसानों एवं समस्त नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक एवं बौद्धिक विकास को सुनिश्चित करना होगा। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु संगठन यह मानेगा कि बच्चों एवं युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समान शिक्षा उपलब्ध कराना समाज एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।
2. शिक्षा संस्थानों की स्थापना
संगठन को यह अधिकार होगा कि वह किसानों एवं नागरिकों के बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए नर्सरी, प्री-प्राइमरी, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना करे या उनके संचालन में सहयोग प्रदान करे।
3. समावेशी एवं सुलभ शिक्षा
संगठन विशेष रूप से किसानों, मजदूरों, गरीब, पिछड़े, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, छात्रवृत्ति, निःशुल्क या रियायती शिक्षा, पुस्तकें, वर्दी, छात्रावास एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु प्रयास करेगा।
4. अनुदान, चंदा एवं दान प्राप्त करने का अधिकार
संगठन को शिक्षा संस्थानों की स्थापना, संचालन एवं विकास के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्वायत्त संस्थाओं, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी संस्थाओं, दानदाताओं एवं आम नागरिकों से अनुदान, सहयोग राशि, चंदा, दान, सहायता एवं आर्थिक योगदान प्राप्त करने का अधिकार होगा।
5. भूमि, भवन एवं अन्य संसाधन
संगठन को विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु भूमि, भवन, उपकरण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, छात्रावास एवं अन्य आवश्यक संसाधन दान, पट्टे, अनुदान अथवा विधिसम्मत माध्यमों से प्राप्त करने का अधिकार होगा।
6. शैक्षणिक गुणवत्ता एवं मूल्य आधारित शिक्षा
संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि स्थापित शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक समरसता, संवैधानिक मूल्यों एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए।
7. विधिक एवं प्रशासनिक अनुपालन
संगठन द्वारा स्थापित या संचालित सभी शैक्षणिक संस्थान संबंधित शिक्षा बोर्ड, विश्वविद्यालय, आयोग एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों, मानकों एवं दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करेंगे।
8. दीर्घकालिक लक्ष्य
इस अध्याय का दीर्घकालिक लक्ष्य किसानों एवं नागरिकों के बच्चों को शिक्षित, आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाकर समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना होगा।

