नहीं थम रहा है हरे भरे अवैध पेड़ों का कटान
विकासखंड तजवापुर में वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों पर बड़ा आरोप शीशम, गूलर, आम,नीम, सागौन, के पेड़ों को बिना परमिट के कटवा दिए गए
जनपद बहराइच के अंतर्गत विकासखण्ड तजवापुर में कई ग्राम पंचायतों में हरे भरे पेड़ों को लकड़कट्टों द्वारा काटकर गायब कर दिया गया और विभाग मूकदर्शक बना रहा।
जब इसकी जानकारी मीडिया टीम को मिली तो ग्राम मिर्जापुर गांव में पहुंची तो वहां की निवासनी किसान रजनी उर्फ माधुरी के बाग में लगे सागौन के 45 पेड़ों को वन माफियाओं द्वारा बिना परमिट के काटकर साफ कर दिया गया जिसकी जड़ें अभी मौजूद हैं।
जब इसकी पुख्ता जानकारी के लिए मीडिया टीम किसान रजनी उर्फ माधुरी के घर पहुंच कर किसान से सवाल किया तो किसान के द्वारा बताया गया की विकासखण्ड तजवापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत चौखड़िया के ठेकेदार जीवन लाल से हमने सागौन के 45 पेड़ों को बेच दिया था। जिसको उनके द्वारा बाग में लगे सागौन के 45 पेड़ों को कटवा लिया गया है और किसान से यह भी जानकारी लिया गया कि आपसे ठेकेदार जीवन लाल द्वारा कोई साक्ष्य के रूप में कागजात जैसे खसरा खतौनी आधार कार्ड आदि लिया गया है या नहीं तो किसान के द्वारा बताया गया की हमसे कोई दस्तावेज नहीं लिया गया है जो तस्वीरों में किसान की जुबानी वीडियो में साफ-साफ बयान सुनाई दे रहा है। और जब इस संबंध में मीडिया की टीम ग्राम पंचायत चौखड़िया के निवासी ठेकेदार जीवन लाल के घर पहुंच कर बाग में लगे सागौन के काटे गए 45 पेड़ों की परमिट मांगा तो ठेकेदार द्वारा बताया गया कि जब विभाग से हमने परमिट की बात किया तो उनके द्वारा बताया गया की आप अगर परमिट बनवाएंगे तो भी पैसा पड़ेगा और नहीं बनवाएंगे तो भी पैसा पड़ेगा तो हमने पेड़ों को काटने से पहले क्षेत्रीय वन विभाग के दरोगा प्रशिक्षण वर्मा और विभाग के ही वाजपेई को₹10000 दे दिया था उसके बाद में हमने पेड़ो को काटा है।
और इतना ही नहीं बल्कि ठेकेदार जीवन लाल द्वारा बताया गया की विकासखंड तजवापुर में कई ग्राम पंचायतों में बिना परमिट के तमाम प्रजाति के पेड़ों को क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रशिक्षण वर्मा व विभागीय वन रेंज अधिकारी की मिली भगत से शीशम, गूलर,आम,नीम, के पेड़ों को कटवाया गया है जो जीवन लाल की जुबानी कैमरे में कैद तस्वीरों में साफ-साफ देखा व सुना जा सकता है।
जब इसकी पुष्टि के लिए जीवन लाल के साथ मीडिया टीम ग्राम पंचायत चौखड़िया के मजरा भाटन पुरवा में पहुंची तो वहां 7 शीशम और 1 गूलर के पेड़ काटे गए थे जिनकी जड़ें अभी मौजूद हैं।
और तो और जब मीडिया टीम चौखड़िया के ही ग्राम में बड़ी बाग सायरा स्कूल पहुंची तो वहां 1 जड़ नीम और तमाम आम की जड़ों को तस्वीरों में कैद किया गया है और ठेकेदार जीवन लाल के द्वारा यह भी बताया गया है कि ग्राम पंचायत अकला तारा पुर में 7 हरे आम के पेड़ों को काटा गया है और सारे जगहों पर महीनो के अन्दर ही बिना परमिट के वन माफियाओं द्वारा पूरी आम के पेड़ों की बाग साफ कर दिया गया है जो कैमरे में कैद तस्वीरों में सुना व देखा जा सकता।
और इतना ही नहीं बल्कि जीवन लाल के द्वारा बताया गया कि चौखड़िया के ग्राम भाटन पुरवा में विभाग द्वारा जुर्माना के नाम पर एक गूलर के पेड़ का ₹6000 हजार रुपए ले लिया गया और आज तक ठेकेदार को सरकारी रसीद नहीं उपलब्ध कराई गई है और भाटन पुरवा में ही हमसे 3 शीशम के पेड़ों का जुर्माना ₹15000 हजार लिया गया है लेकिन विभाग द्वारा सरकारी रसीद नहीं उपलब्ध कराई गई।
अब विकासखंड तजवापुर में कई ग्राम पंचायतों में चर्चा का विषय बना हुआ है की विभाग द्वारा जुर्माना के नाम पर रुपए ले लिए जाते हैं और पेड़ों पर किए गए जुर्माने की सरकारी रसीद आखिर क्यों नहीं उपलब्ध कराई जाती है (यह आंख मिचौली का खेल बहुत पुराना खेल है) इस तरह से हरे भरे पेड़ों को नष्ट करना या करवाना पर्यावरण के लिए बहुत घातक और चिन्ता जनक है, और यह पूरा मामला जांच का विषय है।
अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद तमाम जगहों पर कटे हुए पेड़ों की जांच होती है या खानापूर्ति करके छोड़ दिया जाता है
