पहाड़ी साईं धाम स्थल के पास, ब्लॉक पहाड़ी, जिला चित्रकूट में किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 800 किशोरियों, उनके अभिभावकों, ग्राम प्रधानों तथा क्षेत्रीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को खेल के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना तथा उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात किशोरियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत के माध्यम से सभी अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का हार्दिक स्वागत किया गया।
इस अवसर पर आरोही किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम के समन्वयक रोहित राज ने उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पानी संस्थान खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकार जैसे विषयों पर किशोरियों के साथ लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि खेल प्रतियोगिताएं किशोरियों के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं। खेलों के माध्यम से किशोरियां न केवल अपने शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्राप्त करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान कबड्डी, क्रिकेट, रस्साकशी और दौड़ जैसी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पहाड़ी ब्लॉक के अलग-अलग क्षेत्रों से आई किशोरियों ने इन प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। सबसे पहले कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खेल कौशल का परिचय दिया। इसके बाद रस्साकशी, दौड़ और क्रिकेट की प्रतियोगिताएं कराई गईं। सभी प्रतियोगिताओं में विजेता और उपविजेता टीमों का चयन किया गया।
समन्वयक रोहित राज ने सभी प्रतिभागी किशोरियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में भी किशोरियां अपना उज्ज्वल भविष्य और करियर बना सकती हैं। उन्होंने सभी बच्चियों को निरंतर अभ्यास करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विजेता और उपविजेता किशोरियों को लोअर, टी-शर्ट एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से किशोरियों का उत्साह और आत्मविश्वास और अधिक बढ़ा तथा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
यह खेल प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि किशोरियों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जब बेटियों को अवसर और मंच मिलता है, तो वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
