बांदा। सामाजिक परिवर्तन और बहुजन चेतना के प्रखर प्रतीक कांशीराम की 92वीं जयंती के अवसर पर शहर के निजामी पैलेस में समाजवादी पार्टी द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को स्मरण करते हुए सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की।कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा के युवा नेता डॉ. मधुसूदन कुशवाहा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व एमएलसी तिलक चंद अहिरवार उपस्थित रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश सचिव मेघनाथ खंगार ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के आरंभ में पार्टी पदाधिकारियों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मान्यवर कांशीराम ने समाज के उन वर्गों को आवाज दी, जो लंबे समय तक सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था के हाशिए पर रहे। उनका जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि संगठित चेतना और वैचारिक प्रतिबद्धता के माध्यम से समाज में परिवर्तन की दिशा प्रशस्त की जा सकती है। उन्होंने दलित, वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर आवाज उठाई।
कार्यक्रम में कृष्णा देवी पटेल, लोकसभा प्रभारी उमेश यादव, जिला मीडिया प्रभारी प्रमोद गुप्ता, वरिष्ठ नेता ईशान सिंह लवी, राष्ट्रीय सचिव ओम नारायण त्रिपाठी, पूर्व प्रत्याशी किरन यादव, जिला पंचायत सदस्य रजनी यादव, बाबा वाहिनी की जिला अध्यक्ष सुमन दिवाकर सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, बूथ, सेक्टर और जोन स्तर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वक्ताओं ने अंत में कहा कि कांशीराम के विचार केवल एक व्यक्ति की स्मृति नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की वह धारा हैं जो समानता, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके आदर्शों को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
