कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर के 40 हजार प्रधानों ने भरी हुंकार
रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ के इको गार्डन पार्क में 20 मई 2026 को विशाल धरना-प्रदर्शन कर सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराया। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से पहुंचे करीब 35 से 40 हजार ग्राम प्रधानों ने एकजुट होकर पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने तथा ग्राम प्रधानों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व प्रधान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने किया। इस दौरान सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रमुख रूप से ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने अथवा पंचायतों में प्रशासक के रूप में वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही अधिकार दिए जाने की मांग की गई।
धरना स्थल पर पहुंचे हजारों प्रधानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि गांवों के विकास की असली जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों के कंधों पर होती है, इसलिए पंचायत व्यवस्था को कमजोर करने के बजाय उसे और अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए। प्रधानों ने कहा कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों द्वारा दिए गए ज्ञापन पर सरकार स्तर पर गंभीर मंथन शुरू हो चुका है और 26 मई 2026 तक प्रधानों की मांगों को लेकर कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है। इसको लेकर प्रधानों में उम्मीद और उत्साह दोनों देखने को मिल रहा है।
जनपद सीतापुर के विकासखंड महमूदाबाद से भी अखिल भारतीय प्रधान संगठन के अध्यक्ष बृजेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में करीब 30 प्रधानों का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ पहुंचा। इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र वर्मा, अशोक वर्मा, प्रधान प्रतिनिधि राजेश कुमार, प्रेमचंद वर्मा, प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र गुप्ता, बलराम वर्मा, चेतराम अगैया, राकेश कुमार, प्रधान प्रतिनिधि किशोरी लाल सेमरा, प्रधान प्रतिनिधि दिनेश कुमार वर्मा चलाकापुर, दयाराम छंगापुर, सर्वेश कुमार वर्मा पचदेवरा चौबे तथा दीपक कुमार उर्फ दीपू उस्मानपुर सहित बड़ी संख्या में प्रधानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
महमूदाबाद से पहुंचे प्रधानों ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं और ग्राम प्रधान गांवों के विकास की रीढ़ हैं। यदि उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा नहीं होगी तो ग्रामीण विकास की गति प्रभावित होगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान इको गार्डन पार्क पूरी तरह प्रधानों के नारों और बैनरों से गूंजता रहा। हजारों की संख्या में पहुंचे प्रधानों के कारण राजधानी का राजनीतिक माहौल भी गर्म दिखाई दिया। इस आंदोलन को पंचायत राजनीति का अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
