आगरा (किरावली)। क्षेत्र के सकतपुर पाली स्थित विवादित तेवतिया वाटर पार्क में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। वाटर पार्क प्रबंधन की घोर लापरवाही के चलते एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे मनित की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय जनता में वाटर पार्क प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मनित (8 वर्ष) पुत्र रोबिन देवासी, शाहगंज क्षेत्र के अजीत नगर (खेरिया गेट) का निवासी था। रविवार को छुट्टी के दिन मनित अपने परिवार के साथ घूमने और नहाने के लिए तेवतिया वाटर पार्क गया था। पूरा परिवार हंसी-खुशी समय बिता रहा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वाटर पार्क का यह सफर उनके लाडले का आखिरी सफर साबित होगा।
मृतक बच्चे के पिता रोबिन देवासी ने वाटर पार्क प्रबंधन पर बेहद गंभीर और संवेदनशील आरोप लगाए हैं। पिता ने बताया कि दोपहर के बाद जब सभी लोग घर वापस आने की तैयारी कर रहे थे, तभी छोटा मनित अचानक लापता हो गया। मनित बच्चों के लिए बने सुरक्षित पूल में खेल रहा था। जब वह नहीं मिला, तो परिजनों ने बदहवास होकर प्रबंधन से तुरंत सीसीटीवी फुटेज चेक करने की गुहार लगाई, लेकिन मैनेजमेंट ने उनकी एक न सुनी और समय बर्बाद किया।
हैरानी की बात यह है कि जब बच्चा गहरे पूल की तरफ चला गया, तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी (गार्ड) तमाशबीन बने रहे और उसे बचाने के लिए पानी में नहीं उतरे। कुछ देर बाद मनित का शव गहरे स्विमिंग पूल से बरामद हुआ। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।हादसे के बाद स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने तेवतिया वाटर पार्क के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोगों का कहना है कि जब प्रबंधन टिकट के पूरे पैसे वसूलता है, तो सुरक्षा के मानकों पर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों पूल के पास लाइफगार्ड (गोताखोर) तैनात क्यों नहीं थे बच्चों को गहरे पानी की तरफ जाने से रोकने के लिए पुख्ता बैरिकेडिंग क्यों नहीं थी?
ग्रामीणों और परिजनों ने इस पूरी घटना के लिए वाटर पार्क के मालिक और मैनेजमेंट को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब यह वाटर पार्क सुर्खियों में आया हो। हाल ही में यहाँ आने वाले पर्यटकों के लॉकर से रुपये और मोबाइल चोरी होने की बड़ी घटना हुई थी, जिसमें एसीपी अछनेरा के निर्देश पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। चोरी के बाद अब मासूम की मौत ने यह साफ कर दिया है कि यहाँ न तो सामान सुरक्षित है और न ही इंसान की जान।घटना की सूचना मिलते ही थाना किरावली पुलिस और मिढ़ाकुर चौकी पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है, परिजनों की तहरीर के आधार पर और मौके की जांच कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

