गोरखपुर थोक की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी। गंभीर मरीजों को समस्या न हो, इसलिए अस्पतालों के सामने स्थित फुटकर दुकानें खुलेंगी। विरोध प्रदर्शन के जरिए सभी जिलों में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। आनलाइन दवा कारोबार बंद कराने और फार्मासिस्ट की निगरानी में ही दवा बिक्री होने देने की मांग की जाएगी।ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट( एआईओसीडी) के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिलों में 20 को हड़ताल का ऐलान किया गया है। दवा कारोबारियों का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सभी तरह की दवाओं की बिक्री हो रही है। बिना मेडिकल जांच और फार्मेसिस्ट सत्यापन के दवाई बेची जा रही हैं। इससे नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का खुला बाजार हो गया है और तमाम युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। दर्द निवारक, स्लीपिंग पिल्स और कुछ प्रतिबंधित दावाओं की धड़ल्ले से आनलाइन बिक्री हो रही है। दवा व्यापारियों के मुताबिक स्थानीय दुकानदारों पर फार्मासिस्ट कई बार संदिग्ध ग्राहकों को दवा देने से मना कर देते हैं, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खुली छूट है। हड़ताल के जरिए इसका विरोध किया जाएगा। गोरखपुर दवा व्यापारी संघ के अध्यक्ष योगेंद्र दुबे ने बताया कि 20 को कारोबारी अपनी दुकानें बंद रखेंगे। हालांकि इमरजेंसी और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता बनी रहेगी।इस संबंध में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए दवा व्यापारी संघ के अध्यक्ष योगेंद्र दुबे और महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया
