15 जून से नई व्यवस्था लागू, क्यूआर कोड और डिजिटल टोकन दिखाकर किसान ले सकेंगे उर्वरक
रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय
सीतापुर। जिले के किसानों को अब यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे रासायनिक उर्वरकों के लिए दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। किसानों को पारदर्शी और सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 15 जून से उर्वरक वितरण की नई डिजिटल प्रणाली लागू कर दी गई है। अब किसान "Framework for Fertilizer Sale" एंड्रॉयड मोबाइल ऐप के माध्यम से पहले से बुकिंग कर खाद प्राप्त कर सकेंगे। बिना एडवांस बुकिंग के किसी भी किसान को उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक वास्तविक किसान तक समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी किसान को खाद के लिए परेशान न होना पड़े और कालाबाजारी पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने बताया कि किसान अपने एंड्रॉयड मोबाइल में प्ले स्टोर से Framework for Fertilizer Sale ऐप डाउनलोड कर आसानी से उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। इस डिजिटल व्यवस्था से किसानों का समय और श्रम दोनों बचेंगे तथा उन्हें अपने क्षेत्र में उपलब्ध नजदीकी उर्वरक विक्रेताओं की जानकारी भी तुरंत मिल सकेगी।
ऐसे करें खाद की ऑनलाइन बुकिंग
नई व्यवस्था के तहत किसान को सबसे पहले मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपनी भूमि एवं फसल का विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद आवश्यक उर्वरक की मात्रा का चयन करना होगा। ऐप पर क्षेत्र के उन विक्रेताओं की सूची दिखाई देगी जिनके पास संबंधित उर्वरक उपलब्ध होगा। किसान अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी विक्रेता का चयन करेंगे, जिसके बाद ऐप पर एक क्यूआर कोड एवं डिजिटल टोकन जनरेट होगा। इसी क्यूआर कोड अथवा टोकन को विक्रेता को दिखाकर किसान उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।
फार्मर आईडी और बटाईदार किसानों को भी मिलेगा लाभ
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों के पास फार्मर आईडी उपलब्ध है, वे आधार सत्यापन के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। वहीं जिनके पास फार्मर आईडी नहीं है, वे अपनी भूमि का विवरण दर्ज कर उर्वरक के लिए आवेदन कर सकते हैं। नई व्यवस्था में बटाईदार किसानों को भी शामिल किया गया है, जिससे वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
इसके अलावा यदि किसी कारणवश किसान स्वयं खाद लेने नहीं पहुंच पाता है तो वह आधार नंबर अथवा ओटीपी के माध्यम से अपने परिवार के किसी सदस्य को अधिकृत कर सकता है, जो उसकी ओर से उर्वरक प्राप्त कर सकेगा।
समस्या होने पर इन नंबरों पर करें संपर्क
यदि किसानों को ऐप डाउनलोड करने, पंजीकरण कराने या उर्वरक बुकिंग में किसी प्रकार की समस्या आती है तो वे हेल्प डेस्क नंबर 9840076844, 9840073844, 011-35123854 एवं 7730977309 पर संपर्क कर सकते हैं।
यदि इन स्तरों पर समस्या का समाधान नहीं होता है तो किसान जिला कृषि अधिकारी के मोबाइल नंबर 8127235550 एवं 8127999671 पर भी संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता
विशेषज्ञों का मानना है कि नई डिजिटल प्रणाली लागू होने से उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता आएगी, वास्तविक किसानों को समय पर खाद उपलब्ध होगी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। सरकार की यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
