खारिज हो चुका अनिल दास जबरन मठ में रह रहा, एसडीएम के आदेश के बाद भी नहीं हटा
गोरखपुर, सहजनवां संत परंपरा की धरोहर कबीर चौरा मठ बडुवा मजरिया में जबरन कब्जे और संतों को धमकाने का आरोप लगा है। सद्गुरु कबीर स्मारक संस्थान, मगहर के पीठाधीश्वर आचार्य महंत श्री विचार दास साहेब ने 20 जून 2026 को सम्पूर्ण समाधान दिवस, सहजनवां में प्रार्थना पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।प्रार्थना पत्र के अनुसार अनिल दास और कथित चेला गंगाशरण दास का मामला खारिज हो चुका है। उपजिलाधिकारी महोदय ने 11 जून 2026 को लगभग सायं 4 बजे एसडीएम कोर्ट में आदेश दिया था कि अनिल दास को कबीर मठ बडुवा से खाली कराया जाए। एसडीएम ने कार्यपालक मजिस्ट्रेट को बुलाकर थानाध्यक्ष को निर्देशित भी किया था। इसके बावजूद अनिल दास गुण्डा-बदमाशों के साथ मठ पर डटा हुआ है। 16 जून 2026 की सुबह वह मठ की खेती की जुताई करा रहा था। उसके साथ सुरेन्द्र यादव व अन्य लोग खेत जोत रहे हैं और मठ के संतों को धमका रहे हैं कि "चले जाओ वरना सब मारे जाओगे।
महंत विचार दास ने आरोप लगाया कि धमकी यहीं नहीं रुकी। अनिल दास के लोगों ने धूनी मठ कसरौल के संतों को भी संदेश भेजा है कि "बडुवा मठ तो कब्जा कर लिया, अब धूनी मठ भी कब्जा करने आ रहे हैं"। इससे संत समुदाय भयभीत है।
महंत ने जिला अधिकारी/प्रभारी अधिकारी, सम्पूर्ण समाधान दिवस से मांग की है कि एसडीएम के आदेश का अनुपालन कराते हुए अनिल दास को टीम सहित तत्काल मठ से हटाया जाए। इससे संतों को सुरक्षा मिले और मठ की परंपरा बनी रहे।
संत समाज की धरोहर पर विवाद और धमकी का मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन के रुख पर सबकी नजर है।
