ट्रक चालक की संदिग्ध मौत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या की आशंका गहराई, सात दिन बाद भी एफआईआर नहीं; परिजनों ने न्याय की लगाई गुहार
मिर्जापुर। विंध्याचल थाना क्षेत्र के गोसाई का पुरा निवासी ट्रक चालक लवकुश मौर्या की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। मृतक की पत्नी सीमा देवी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर पति की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होने से परिजनों में आक्रोश व्याप्त है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, लवकुश मौर्या पिछले लगभग तीन माह से गांव के ही एक ट्रक मालिक के यहां चालक के रूप में कार्यरत थे। आरोप है कि 18 जून 2026 की शाम ट्रक मालिक के बुलाने पर वह ट्रक लेकर निकले थे। रास्ते में उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि वह माड़ा की ओर जा रहे हैं और ट्रक मालिक अपनी गाड़ी से कुछ लोगों के साथ पीछे चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि अष्टभुजा टोल पार करने के बाद उन्हें पैसे देकर वापस भेज दिया जाएगा।
पत्नी सीमा देवी के मुताबिक, शाम करीब सात बजे पति से आखिरी बार बातचीत हुई। उस समय उन्होंने बताया था कि वह अकोढ़ी क्षेत्र में हैं और दस मिनट बाद दोबारा फोन करेंगे। लेकिन इसके बाद रात 8:58 बजे उनके मोबाइल से किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। जब उन्होंने अपने पति से बात कराने की बात कही तो कॉल काट दिया गया और कुछ ही देर बाद मोबाइल भी बंद हो गया।
परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने ट्रक मालिक से संपर्क किया तो पहले लवकुश की मौत होने की जानकारी दी गई, जबकि बाद में मृतक के भाई को बताया गया कि वह ट्रक छोड़कर कहीं चला गया है। विरोधाभासी सूचनाओं के कारण परिजन पूरी रात उनकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
अगले दिन 19 जून की सुबह विजयपुर मंदिर के आगे पाण्डेयपुर चौराहे से लगभग 300 मीटर अंदर खेत में लवकुश मौर्या का शव बरामद हुआ। परिजनों का कहना है कि शव पर कई गंभीर चोटों के निशान थे। साथ ही ट्रक में मौजूद खलाशी का भी अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
मृतक के परिजनों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों ओर की पसलियां टूटने, गर्दन की हड्डी टूटने तथा सिर में ब्लड क्लॉट मिलने की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर उन्होंने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिवार का यह भी आरोप है कि गैपुरा चौकी पुलिस ट्रक को अपने कब्जे में लेकर चौकी पर ले आई, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि घटना के सात दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों तथा परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
