बाढ़ एवं कटान नियंत्रण को लेकर प्रभारी मंत्री ने की समीक्षा बैठक
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बाढ़ एवं कटान से प्रभावित सभी संवेदनशील स्थलों की परियोजनाएं तैयार कर शासन को समय से भेजें: मा. प्रभारी मंत्री
सूचना विभाग, पीलीभीत | 6 सितंबर 2026
आज निरीक्षण भवन, पीलीभीत में मा. राज्य मंत्री, कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग, उ.प्र. एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख जी की अध्यक्षता में बाढ़ एवं कटान नियंत्रण के संबंध में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में बाढ़ की स्थिति, नदी कटान से प्रभावित क्षेत्रों तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
मा. प्रभारी मंत्री जी ने शारदा एवं देवहा नदी पर स्वीकृत परियोजनाओं तथा वर्तमान में कराए जा रहे कटान निरोधक कार्यों की जानकारी प्राप्त की। संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 11 परियोजनाएं अनुमोदित हुई थीं, जिनके कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए गए हैं। उक्त परियोजनाएं बाढ़ एवं कटान नियंत्रण की दृष्टि से प्रभावी साबित हो रही हैं।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि नहरोसा, नौजल्हा नकटाह, खिरकिया, बरगदिया, नावकुण्ड सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में परियोजनाएं अनुमोदित नहीं हुई थीं। इन क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में अनुरक्षण मद से आवश्यक सुरक्षात्मक एवं कटान निरोधक कार्य कराए गए हैं।
मा. प्रभारी मंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी कटान की स्थिति गंभीर अथवा संवेदनशील है, वहां तत्काल प्रभाव से कटान निरोधक कार्य कराते हुए नदी कटान को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ एवं कटान प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों द्वारा भी नौजल्हा नकटाह एवं चंदिया हजारा में हो रहे नदी कटान की ओर मा. प्रभारी मंत्री जी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल प्रभावी कटान निरोधक कार्य कराए जाने का अनुरोध किया गया।
मा. प्रभारी मंत्री जी ने निर्देशित किया कि जनपद में बाढ़ एवं कटान के सभी संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर उनकी प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाएं तैयार की जाएं तथा उन्हें ससमय उच्चाधिकारियों एवं शासन को प्रेषित किया जाए, ताकि आवश्यकतानुसार स्थायी एवं प्रभावी बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि बाढ़ एवं कटान से जन-धन की सुरक्षा शासन की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा, जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रसून द्विवेदी, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, सहायक अभियंता-तृतीय बाढ़ खंड पूरनपुर सहित समस्त उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

