अब तक 3463 एंड्रॉयड मोबाइल की बरामदगी, कुल कीमत 5.98 करोड़ रुपये के पार
एसपी सिटी निमिष पाटील ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी, एएसपी अरुण कुमार एस रहे मौजूद
गोरखपुर, 8 सितंबर। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए गोरखपुर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से गोरखपुर पुलिस ने एक और चरण में 826 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 49 लाख 1 हजार 394 रुपये है। प्रेसवार्ता में सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस भी मौजूद रहे।
एसपी सिटी ने बताया कि गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन को बरामद करने के लिए जनपद के विभिन्न थानों से CEIR पोर्टल पर सूचनाएं दर्ज कराई जाती हैं। पोर्टल के माध्यम से जब गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल के संबंध में Traceability Details प्राप्त होती है तो संबंधित मोबाइल के सक्रिय होने की जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन और इस्तेमाल किए जा रहे सिम नंबर का पता लगाती है। इसके बाद संबंधित थाना पुलिस की मदद से मोबाइल को बरामद करने की कार्रवाई की जाती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार CEIR पोर्टल शुरू होने के बाद से गोरखपुर जनपद में इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। थानों के CCTNS कार्यालयों में नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर एवं कंप्यूटर ऑपरेटर चालक पोर्टल पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मोबाइल की लोकेशन और उससे संबंधित जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम संबंधित व्यक्ति तक पहुंचती है और गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल को बरामद कर उसके वास्तविक मालिक को सौंपने की प्रक्रिया पूरी करती है।
एसपी सिटी ने बताया कि 8 सितंबर 2026 तक CEIR पोर्टल के माध्यम से 11 चरणों में कुल 3463 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 5 करोड़ 98 लाख 36 हजार 978 रुपये है। इस अभियान से बड़ी संख्या में उन लोगों को राहत मिली है, जिनके मोबाइल फोन गुम या चोरी हो गए थे और जिन्हें वापस मिलने की उम्मीद कम हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक मोबाइल बरामदगी का अभियान लगातार चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार 4 सितंबर 2023 को प्रथम चरण में चार मोबाइल बरामद किए गए थे, जिनकी अनुमानित कीमत 43,748 रुपये थी। इसके बाद 18 नवंबर 2023 को दूसरे चरण में 29 मोबाइल, 24 जनवरी 2024 को तीसरे चरण में 51 मोबाइल और 24 मार्च 2024 को चौथे चरण में 77 मोबाइल बरामद किए गए।
इसी क्रम में 17 मई 2024 को पांचवें चरण में 120 मोबाइल, 25 अगस्त 2024 को छठे चरण में 267 मोबाइल और 28 अक्टूबर 2024 को सातवें चरण में 224 मोबाइल बरामद किए गए। इसके बाद 12 मार्च 2025 को आठवें चरण में 260 मोबाइल पुलिस ने बरामद किए। अभियान की गति आगे बढ़ी तो 13 सितंबर 2025 को नौवें चरण में 753 मोबाइल तथा 10 अप्रैल 2026 को दसवें चरण में 852 मोबाइल बरामद किए गए।
अब 8 सितंबर 2026 को 11वें चरण में 826 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। अकेले इस चरण में बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 1,49,01,394 रुपये बताई गई है। इस प्रकार अलग-अलग चरणों में हुई बरामदगी से अब तक कुल 3463 मोबाइल फोन पुलिस बरामद कर चुकी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल फोन के गुम अथवा चोरी होने के बाद पीड़ित द्वारा उसकी सूचना दर्ज कराना इस पूरी प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण है। मोबाइल का IMEI नंबर और अन्य जरूरी विवरण उपलब्ध होने पर उसे CEIR पोर्टल के माध्यम से ट्रैक करने में पुलिस को मदद मिलती है। यदि बंद पड़ा मोबाइल दोबारा किसी नेटवर्क पर सक्रिय होता है तो पोर्टल के माध्यम से उसकी ट्रेसबिलिटी सामने आने की संभावना बढ़ जाती है।
सीईआईआर व्यवस्था के जरिए बरामद किए गए मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की कार्रवाई भी की जा रही है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाने के साथ-साथ चोरी और मोबाइल गुम होने की घटनाओं में अपराधियों तक पहुंचने में भी पुलिस को सहायता मिल रही है।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में सीसीटीएनएस सेल की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सेल के कंप्यूटर ऑपरेटर विकास कुमार एवं अजीत कुमार द्वारा पोर्टल से संबंधित कार्यों की निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने अभियान में लगे कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की है। वहीं मोबाइल स्वामियों की ओर से भी बरामदगी के बाद पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है।
गोरखपुर पुलिस का कहना है कि CEIR पोर्टल के माध्यम से गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस की इस पहल से एक ओर जहां आम लोगों को उनका कीमती मोबाइल वापस मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर मोबाइल चोरी और गुमशुदगी से जुड़े मामलों की निगरानी और जांच को भी तकनीकी आधार मिल रहा है। करीब छह करोड़ रुपये मूल्य के 3463 मोबाइल की बरामदगी अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

