झूल रही केबल।
बांदा। नगर पालिका परिषद बांदा के वार्ड नंबर 20 स्थित सेढ़ू तलैया मोहल्ले में बिजली व्यवस्था गंभीर सुरक्षा संकट बन गई है। बीती रात बिजली का एक जर्जर खंभा अचानक टूटकर एक मकान के छज्जे पर जा गिरा। इसके तेज झटके से आसपास के 4-5 खंभे भी तिरछे हो गए।
हादसे के बाद स्थिति और खतरनाक हो गई है। बिजली की केबल सड़क से महज एक-दो मीटर ऊपर झूल रही है, जबकि कुछ केबल मकान को छू रही हैं। ऐसे में राहगीरों, स्थानीय निवासियों और विशेषकर बच्चों के लिए यह स्थिति गंभीर जान-माल के खतरे का कारण बन सकती है। किसी भी समय खंभे या तार के गिरने से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना की सूचना बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को तत्काल दे दी गई थी, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो क्षतिग्रस्त खंभों को बदला गया और न ही मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। लोगों का कहना है कि विभाग की यह उदासीनता किसी संभावित हादसे के बाद ही कार्रवाई करने की प्रवृत्ति को दर्शाती है।भारी केबलों का बोझ भी सवालों के घेरे में
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिजली विभाग ने नगर पालिका परिषद द्वारा स्ट्रीट लाइट के लिए लगाए गए खंभों पर भी अपनी मोटी और भारी केबलें खींच दीं। आरोप है कि इसके कारण नगर पालिका के कई स्ट्रीट लाइट पोल पर अतिरिक्त भार पड़ा और वे क्षतिग्रस्त होकर गिर गए।नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग को सबसे पहले खुले और झूलते तारों, तिरछे खंभों तथा मकानों को छू रही केबलों को सुरक्षित करना चाहिए, ताकि किसी व्यक्ति की जान जोखिम में न पड़े।दो दिन में कार्रवाई नहीं तो धरना क्षेत्रीय उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर सभी क्षतिग्रस्त एवं जर्जर खंभों को बदलकर बिजली की लाइनों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर अनवरत धरना शुरू करेंगे।
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा है कि यदि इस लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण एवं एसडीओ तुलसी नगर की होगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या उससे पहले जागकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा?

