गोरखपुर। राजघाट स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को गुंबद गिरने से दो अधिवक्ताओं की मौत का मामला गरमा गया है। मृतकों की पहचान अधिवक्ता आलोक अस्थाना (राप्तीनगर) और संजय सिंह (शक्तिनगर) के रूप में हुई है। दोनों अपने साथी अधिवक्ता विनोद तिवारी की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे, तभी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से गुंबद भरभराकर गिर गया।
घटना के बाद जिला बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं ने बैठक कर न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए नाराजगी जताई। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन मधुसूदन त्रिपाठी ने मीडिया से कहा -यह हादसा नहीं, भ्रष्टाचार की भेंट है। यह कार्यदायी संस्था मुख्यमंत्री के करीबी की है, इसलिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। करोड़ों का भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। प्रशासन लीपापोती कर रहा है।
त्रिपाठी ने कहा कि सांसद जी सही कहते थे कि यहां आने से लोगों को सीधे मोक्ष और स्वर्ग मिलता है, इसका जीता-जागता उदाहरण ये दो मौतें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 27.85 करोड़ की लागत से बने इस घाट में सरिया तक नहीं लगाया गया, जबकि जयपुर जैसे स्थानों पर बना निर्माण आज भी सुरक्षित है।
अधिवक्ताओं की 5 प्रमुख मांगें
,ठेकेदार और कार्यदायी संस्था पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हो
,पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ का मुआवजा
,आश्रितों को सरकारी नौकरी,
समय पर एंबुलेंस न पहुंचने पर सीएमओ और स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई,
घाट के सभी निर्माणों की उच्चस्तरीय जांच,
उधर डीएम दीपक मीणा ने जांच कमेटी गठित कर दी है, नगर निगम ने सभी गुंबदों पर चेतावनी बोर्ड लगा कर बैठने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4-4 लाख सहायता का ऐलान किया है। पत्नी की तहरीर पर सीएमओ और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है।
*बाइट - मधुसूदन त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश बार काउन्सिल

