पत्रकार उत्पीड़न के विरोध में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
गोरखपुर। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की जिला इकाई गोरखपुर द्वारा मंगलवार को पत्रकार उत्पीड़न के विरोध में जिलाधिकारी गोरखपुर को महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा के निर्देश पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया गया।
ज्ञापन में दिल्ली के साकेत पुलिस स्टेशन में स्वतंत्र महिला पत्रकार शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ कथित अभद्रता एवं मारपीट के मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
परिषद ने ज्ञापन में कहा कि दोनों महिला पत्रकार एक कार्यक्रम की कवरेज कर रही थीं। इसी दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की गई तथा उन्हें पुलिस वाहन से थाने ले जाया गया। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का हवाला देते हुए परिषद ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
जिला अध्यक्ष राकेश तिवारी ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। यदि किसी पत्रकार के साथ पुलिस स्तर पर दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
जिला प्रभारी दुर्गेश मिश्र ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ घटना से संबंधित CCTV फुटेज एवं वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए दोषियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए।
जिला उपाध्यक्ष जयराम यादव ने कहा कि पत्रकारों के साथ होने वाली किसी भी घटना को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। खासकर महिला पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
जिला सचिव जुबेर अहमद ने कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाई जानी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
दयानंद जायसवाल ने कहा कि पत्रकार समाज के कमजोर और पीड़ित वर्ग की आवाज उठाने का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों को ही डर या दबाव का सामना करना पड़े, यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की।
संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारों के सम्मान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत आने पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि दोषी और निर्दोष के बीच सही अंतर स्पष्ट हो सके।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा केवल पत्रकारों का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेगी।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राकेश तिवारी, जिला प्रभारी दुर्गेश मिश्र, जिला उपाध्यक्ष जयराम यादव, जिला सचिव जुबेर अहमद, संजय कुमार अग्रवाल, दयानंद जायसवाल, राजेश राजभर, राजेंद्र गौड़, शमीम अहमद खान, जिला महासचिव प्रहलाद मौर्य सहित दर्जनों पत्रकार एवं परिषद के पदाधिकारी मौजूद रहे।

