प्रति
जिला प्रशासन, जिला मुख्यालय, सीतापुर
उत्तर प्रदेश
विषय: दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक समाज पर घटित अत्याचारों के संदर्भ में 30 नवंबर 2025 को धरना-ज्ञापन की सूचना।
महोदय,
सादर अवगत कराना है कि हमारा संगठन अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में सामाजिक न्याय व संविधान की रक्षा की दिशा में सक्रिय रूप से कार्यरत है।
उत्तर प्रदेश सहित देश के अनेक हिस्सों में दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक समाज के सदस्यों के साथ जुल्म, भेदभाव, अन्याय और सामाजिक बहिष्कार की स्थितियाँ आज भी बनी हुई हैं।
नीचे कुछ चयनित घटनाओं का उल्लेख किया गया है, ताकि समस्या की गंभीरता स्पष्ट हो सके—
जनवरी-जून 2025 की अवधि में देशभर में दलितों के खिलाफ कम-से-कम 113 घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें उत्तर प्रदेश अकेले में लगभग 34 घटनाएँ थी।
उत्तर प्रदेश को कथित रूप से “दलित अत्याचारों में नंबर-एक राज्य” की श्रेणी में रखा गया है।
एक उदाहरण-मूलक मामला: जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में चार दलित युवाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया—उन्हें निर्वस्त्र किया गया, पिचकारी चटनी निजी अंगों पर लगाई गई।
जून 2025 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में एक दलित महिला ने आरोप लगाया कि उसे विवाह का वादा कर कथित रूप से दुष्कर्म किया गया, बाद में वीडियो ब्लैकमेल व डर-धमकी के माध्यम से संपत्ति व सामाजिक दबाव उत्पन्न किया गया।
अक्टूबर 2025 में मुज़फ़्फरनगर जिले के चंदेदी गाँव में दलित समुदाय के लिए बनाये गए चौंपाल (समुदाय केंद्र) का छत गिरने से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई—इसमें प्रमाण है कि निर्माण व देख-रेख की कमी से सामाजिक सुविधा भी असुरक्षित बनी हुई है।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि केवल कानून बनना पर्याप्त नहीं है—लागू करना, जवाबदेह बनना और सामाजिक-प्रशासनिक संरचनाओं में सुधार होना भी बेहद आवश्यक है।
इसलिए हमारा संगठन निर्णय ले चुका है कि 30 नवंबर 2025 को प्रातः 10:00 बजे से जिला मुख्यालय, सीतापुर पर धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें निम्नलिखित मुख्य माँगें शामिल होंगी—
दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक समाज के विरुद्ध दोषियों के खिलाफ त्वरित FIR एवं न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उत्पीड़न-घटनाओं की सार्वजनिक सूची जारी की जाए और नियमित मॉनिटरिंग व समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
सामाजिक बहिष्कार, आर्थिक शोषण व भय की स्थिति में विशेष राहत-पुनर्वास योजनाएँ तत्काल तैयार की जाएँ।
थाना-स्तर पर दलित-पिछड़ा उत्पीड़न-रोख टीम गठित की जाए जिसमें पीड़ित सोसायटी की प्रत्यक्ष भागीदारी हो।
संविधान में निहित मौलिक अधिकारों व न्याय-प्राप्ति संबंधी जानकारी ग्रामीण एवं व्यवहार-स्तर पर नियमित रूप से अभियानित की जाए।
हमें पूर्ण विश्वास है कि आप इस ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए हमारी उपरोक्त माँगों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करेंगे। हमें संघर्ष नहीं, न्याय व सामाजिक समता की स्थापना का लक्ष्य है।
आपसे निवेदन है कि 30 नवंबर 2025 को हमारे कार्यक्रम की सूचना को पूर्व स्वीकृति दें तथा संबंधित विभागों को निर्देशित करें कि धरना-ज्ञापन के दौरान अव्यवस्था न हो, बल्कि शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक संवाद हो सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
(हस्ताक्षर)
राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष – अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी
मोबाइल: 9454 32 5236
लखनऊ — 226013
दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक समाज पर अत्याचार एवं भेदभाव की प्रमुख घटनाएँ (जनवरी – अक्टूबर 2025)
अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) – जनवरी 2025 में दाऊदपुर कोटा गाँव में दलित परिवार पर दबंगों द्वारा लगातार उत्पीड़न, मारपीट और सामाजिक बहिष्कार। परिवार ने जान-माल की सुरक्षा के लिए गाँव छोड़ने का निर्णय लिया।
बस्ती (उत्तर प्रदेश) – फ़रवरी 2025, पैकोलिया थाना क्षेत्र में दलित किशोर को ग्राम प्रधान ने बेरहमी से पीटा; पुलिस ने मामला दबाने की कोशिश की, बाद में सामाजिक संगठनों के दबाव में मुकदमा दर्ज हुआ।
छतरपुर (मध्य प्रदेश) – मार्च 2025, चार दलित युवकों को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया; उन्हें निर्वस्त्र कर पीटा गया और शरीर पर मिर्च-पेस्ट लगाया गया। मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुआ।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – अप्रैल 2025, दलित महिला के साथ विवाह का झाँसा देकर दुष्कर्म, बाद में वीडियो बनाकर ब्लैकमेल। पुलिस कार्रवाई में देरी पर महिला आयोग ने नोटिस जारी किया।
गुना (मध्य प्रदेश) – अप्रैल 2025, खेत जोतने के विवाद में दलित दंपत्ति को जहर खाने को मजबूर किया गया। महिला की मृत्यु के बाद जिले में प्रदर्शन हुए।
जयपुर (राजस्थान) – मई 2025, दलित सफाईकर्मी युवक की सीवर में दम घुटने से मौत; ठेकेदार और नगर निगम अधिकारियों पर लापरवाही का मामला दर्ज।
मेरठ (उत्तर प्रदेश) – मई 2025, अनुसूचित जाति की छात्रा को स्कूल में जातिगत टिप्पणी का सामना करना पड़ा, आत्महत्या का प्रयास किया; शिक्षा विभाग ने जांच बैठाई।
छपरा (बिहार) – जून 2025, दलित शिक्षक को विद्यालय परिसर में जातिसूचक गालियाँ दी गईं और पीटा गया; स्थानीय प्रशासन ने आरोपियों को बचाने का प्रयास किया।
पानीपत (हरियाणा) – जून 2025, मंदिर में प्रवेश से रोकने पर दलित युवकों का विरोध; दबंगों ने उन्हें सार्वजनिक रूप से पीटा, वीडियो वायरल हुआ।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – जुलाई 2025, सफाईकर्मी युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत; परिवार ने प्रशासन पर हत्या छिपाने का आरोप लगाया।
चिकमगलूर (कर्नाटक) – जुलाई 2025, दलित युवती को ऊँची जाति के युवक से बात करने पर सामाजिक पंचायत ने बाल काटकर सार्वजनिक अपमानित किया।
पटना (बिहार) – अगस्त 2025, दलित वकील को अदालत परिसर में जातिगत गालियाँ और धमकी; राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया।
मुज़फ़्फरनगर (उत्तर प्रदेश) – सितंबर 2025, दलित समुदाय केंद्र (चौपाल) की छत गिरने से एक व्यक्ति की मृत्यु; स्थानीय निकाय की लापरवाही उजागर हुई।
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – सितंबर 2025, मंदिर परिसर में दलित वृद्ध के साथ अपमानजनक व्यवहार; धार्मिक भेदभाव पर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट मांगी।
भोपाल (मध्य प्रदेश) – अक्टूबर 2025, दलित युवती से गैंगरेप की घटना; आरोपी प्रभावशाली परिवार से, पुलिस ने विलंब से गिरफ्तारी की।
इन घटनाओं से यह सिद्ध होता है कि दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक समाज के प्रति हिंसा, भेदभाव और सामाजिक अन्याय की स्थिति पूरे देश में गंभीर बनी हुई है।
अंतर्राष्ट्रीय भीम आर्मी यह मानती है कि संविधान की भावना की रक्षा और सामाजिक समरसता की पुनर्स्थापना के लिए राज्य-सरकारों को ठोस कदम उठाने होंगे।

