बिहार विधानसभा चुनाव 2025: पहले चरण का मतदान – प्रमुख घटनाएं व सारांश
मतदान की स्थिति
दोपहर 1 बजे तक पूरे बिहार में 42.31% मतदान दर्ज हुआ।
गोपालगंज व लखीसराय जिलों में सबसे अधिक वोटिंग, जबकि पटना और दरभंगा में सबसे कम।
कुल 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ।
प्रमुख प्रत्याशी जिनकी किस्मत EVM में बंद हुई —
तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मैथिली ठाकुर, मुकेश सहनी सहित कई मंत्री।
हिंसा और घटनाएं
CPM विधायक सत्येंद्र यादव पर हमला (मांझी, सारण):
उनकी गाड़ी तोड़ी गई, मारपीट की गई। पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू है।
डिप्टी CM विजय सिन्हा की कार पर पथराव (लखीसराय):
राजद समर्थकों द्वारा चप्पल फेंकी गई और “मुर्दाबाद” के नारे लगे।
कुछ इलाकों में मतदान बाधित:
मधौल ककरा बूथ (कुढ़नी) — स्थानीय विवाद से 5 घंटे मतदान रुका।
नालंदा (अस्थावां) — EVM खराब होने से मतदान देर से शुरू हुआ।
मुजफ्फरपुर (सरैया) — पीठासीन अधिकारी मूर्छित होकर गिरे।
राजनीतिक बयान और माहौल
तेज प्रताप यादव: “जो बिहार में बदलाव लाएगा, हम उसके साथ रहेंगे।”
सम्राट चौधरी: “NDA प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटेगा।”
चिराग पासवान: “आज मतदान का रिकॉर्ड बने, NDA की सरकार दोबारा बनेगी।”
मुकेश सहनी: “जनता लोकतंत्र की मालिक है, हम वादे पूरे करेंगे।”
D. राजा (CPI): “महागठबंधन की जीत होगी, तेजस्वी CM बनेंगे।”
उपेंद्र कुशवाहा: “NDA की जबरदस्त जीत तय है।”
अमित शाह: “जंगलराज की वापसी रोकने के लिए भारी मतदान करें।”
नीतीश कुमार: “मतदान हमारा अधिकार ही नहीं, दायित्व भी है — पहले मतदान, फिर जलपान।”
जन भागीदारी
महिलाओं में भारी उत्साह:
ग्रामीण इलाकों में घूंघट में वोट देने पहुंचीं महिलाएं।
युवाओं की लंबी कतारें:
पहली बार वोट डालने वालों में खासा उत्साह, “पहले मतदान फिर जलपान” का नारा प्रभावी रहा।
विशेष दृश्य:
कोई भैंस पर बैठकर वोट देने पहुंचा, कोई नवजात लेकर, तो कई नाव से पार होकर बूथ पहुंचे।
जिलेवार मतदान (1 बजे तक)
मुजफ्फरपुर: 45.41%
वैशाली: 28.67% (11 बजे तक)
मधेपुरा: 28.46%
सहरसा: 29.68%
लखीसराय: 30.32%
मुंगेर: 26.68%
नालंदा: 12.34% (सुबह 9 बजे तक)
मुख्य आकर्षण
तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार, चिराग पासवान, सम्राट चौधरी, मुकेश सहनी, पवन सिंह, खेसारी लाल यादव जैसे नेताओं ने वोट डाला।
प्रशासन ने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी रूप से चल रहा है, जबकि राजद ने “धीमी वोटिंग और बिजली कटने” के आरोप लगाए।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों को भ्रामक और निराधार बताया।
