अब तक न्याय संवाददाता – राघवेदं सोनकर
पंचायत सचिव की लापरवाही से 75 वर्षीय वृद्धा को कागज़ों में ‘मृत’ घोषित किया, बंद हुई वृद्धावस्था पेंशन
जिलाधिकारी और सीडीओ से लगाई न्याय की गुहार
जनपद कानपुर देहात।
विकासखंड सरवनखेड़ा की ग्रामसभा तिलोंची में रहने वाली 75 वर्षीय वृद्धा कुंती देवी पत्नी स्व. जयनारायण को पंचायत सचिव द्वारा कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया। बिना किसी सत्यापन के भेजी गई इस गलत रिपोर्ट की वजह से उनका वृद्धावस्था पेंशन पिछले छह महीनों से बंद हो गया है।
कुंती देवी ने बताया कि उन्हें कई वर्षों से नियमित रूप से पेंशन मिल रही थी, लेकिन अचानक भुगतान बंद हो गया। आज 14 नवंबर 2025 को जब वह समाज कल्याण कार्यालय पहुंचीं और जानकारी ली, तब पता चला कि ग्राम पंचायत सचिव खुशबू श्रीवास्तव ने 31 मई 2025 को बिना जांच के ही उन्हें “मृत” बताते हुए रिपोर्ट भेज दी है।
इस चौंकाने वाली लापरवाही के बाद वृद्धा अब खुद को जीवित साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर हैं। इसी संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी कानपुर देहात और मुख्य विकास अधिकारी कानपुर देहात को प्रार्थना पत्र देकर अपनी व्यथा सुनाई और पेंशन पुनः बहाल करने की मांग की।
वृद्धा ने यह भी मांग की है कि ग्राम पंचायत सचिव खुशबू श्रीवास्तव, जिन्होंने बिना सत्यापन के झूठी रिपोर्ट भेजी, उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए।
संवाददाता सचिन सिंह द्वारा की गई फोन पर बातचीत में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि मामला संज्ञान में ले लिया गया है।
उन्होंने कहा कि—
गलत रिपोर्ट भेजने वाली जिम्मेदार ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित कर दिया गया है कि वृद्धा की वृद्धावस्था पेंशन तत्काल प्रभाव से बहाल कराई जाए।
कागज़ों में ‘मृत’ घोषित की गई कुंती देवी अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठी हैं कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा और उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा—पेंशन—फिर से शुरू हो सकेगी।

