लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिज़ाज अब बदलने लगा है। पूर्वी दिशा और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवा तथा ऊँचे बादलों के कारण राज्यभर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 से 1.5 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। वहीं अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार अब कई शहरों में पारा लुढ़कने का सिलसिला शुरू होने वाला है।
आगरा, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या, मथुरा और वाराणसी सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान नीचे जाने की संभावना जताई गई है। ऊँचे बादलों की उपस्थिति रात के तापमान को बढ़ा रही है, लेकिन जैसे-जैसे बादल छटेंगे और ठंडी हवाएँ सक्रिय होंगी, रात का पारा तेजी से गिरेगा।
धुंध बढ़ेगी, विजिबिलिटी घटेगी
मौसम विभाग के अनुसार रविवार से सुबह और शाम के समय धुंध की परत और घनी हो सकती है। तापमान गिरने के साथ ही दृश्यता प्रभावित होगी, जिससे वाहन चालकों और आम लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। कई जिलों में हल्की से मध्यम धुंध की आशंका है।
कानपुर का तापमान एक नजर में
कानपुर में सीएसए मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। वातावरण में अधिकतम आर्द्रता 95 प्रतिशत और न्यूनतम 48 प्रतिशत रही। उत्तर-पूर्व दिशा से हवा 1.1 से 1.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही।
शुक्रवार की तुलना में शनिवार को तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
लखनऊ और पूर्वी यूपी में भी बदलेगा मिजाज
लखनऊ, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे पूर्वी जिलों में भी अगले दो दिनों में पारा लुढ़कना शुरू हो जाएगा। रात और सुबह के तापमान में गिरावट के साथ शीतलहर जैसी स्थिति भी बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती ठंड और उत्तर-पश्चिम से आने वाली हवाएँ अगले सप्ताह से प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों को भी प्रभावित करेंगी।
कब तक जारी रहेगा बदलाव?
मौसम विभाग ने बताया कि यह तापमान परिवर्तन का दौर अगले 4 से 5 दिनों तक जारी रहेगा। रातें ठंडी होंगी जबकि दिन के तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। सुबह और शाम की ठंड बढ़ने के साथ लोग गर्म कपड़ों की ओर लौटने लगे हैं।

