Ram Mandir Dhwajarohan 2025 LIVE: नव्य-भव्य जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी ने किया ध्वजारोहण
अयोध्या में मंगलवार का दिन इतिहास के स्वर्णिम अध्याय में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नव्य-भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के 161 फीट ऊंचे मुख्य शिखर पर धर्म ध्वज फहराया। नौ नवंबर 2019, पांच अगस्त 2020 और 22 जनवरी 2024 की तरह 25 नवंबर 2025 भी सनातन परंपरा के इतिहास में अमर हो गई।
संघ प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि करोड़ों आस्थाओं का सपना आज साकार हुआ है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद रामभक्तों की प्रतीक्षा पूरी हुई। उन्होंने कहा कि केसरिया ध्वज की लहराती छटा देखकर संघर्ष के दौरान अपना जीवन देने वाले संतों को भी शांति मिली होगी।
भागवत ने कहा कि मंदिर कल्पना से भी अधिक भव्य और दिव्य रूप में बनकर तैयार हुआ है।
योगी आदित्यनाथ का वक्तव्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीढ़ियों की प्रतीक्षा आज पूर्ण हुई। यह मंदिर करोड़ों भक्तों की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। देश नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहा है और यह क्षण सभी भारतीयों के लिए गर्व का विषय है।
ध्वजारोहण से पूर्व विशेष पूजा
ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माता अन्नपूर्णा मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
मंदिर की विशेष वास्तुकला
ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली के मुख्य शिखर पर फहराया गया।
मंदिर के चारों ओर लगभग 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में निर्मित है, जो मंदिर की सांस्कृतिक विविधता दर्शाता है।
मुख्य शिखर 161 फीट ऊंचा है, जिसके साथ पांच उप-शिखर और कई पूरक शिखर मंदिर को अत्यंत भव्य रूप प्रदान करते हैं।
ध्वजारोहण के समय ‘मंगल स्वस्ति गान’
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से ध्वजारोहण के दौरान भव्य ‘मंगल स्वस्ति गान’ प्रस्तुत किया गया। इसमें देश के प्रतिष्ठित कलाकारों ने भजन, स्तोत्र, रामचरितमानस के चुनिंदा प्रसंग और संत-कवियों की पदावलियों का सामूहिक वाचन और गायन किया।
इस कार्यक्रम का संयोजन अयोध्या के साहित्यकार व विद्वान यतीन्द्र मिश्र द्वारा किया गया। कलाकारों के नाम आयोजन के समय ही सार्वजनिक किए गए।

