फतेहपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा
बिना डिग्री के फर्जी IPS बनकर लाखों उड़ाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार
लव सिंह यादव / अब तक न्याय
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उन साइबर ठगों के गिरोह का पर्दाफाश कर दिया, जो खुद को IPS अधिकारी बताकर देशभर में लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड सहित तीन शातिर ठगों को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी की पहचान मोहित उर्फ राजा, निवासी भगवानपुर गांव, के रूप में हुई है। मोहित बिना किसी डिग्री या प्रशिक्षण के “फर्जी IPS” बनकर लोगों को धमकाता था। उसके दो साथी फर्जी इंस्पेक्टर बनकर सहयोग करते थे। गिरोह पोर्नोग्राफी और चाइल्ड पोर्न के फर्जी आरोप लगाकर पीड़ितों को व्हाट्सएप कॉल पर डराता-धमकाता और “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी FIR कॉपी और केस निपटाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।
पिछले 8–10 महीनों में गिरोह 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। पीड़ित UP, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से हैं।
साइबर थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया,
“लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोपी नंबर बदलकर फरार हो जाते थे, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से लोकेशन ट्रैक की गई। देर रात छापेमारी में तीनों को दबोच लिया गया। इनके पास से 11 मोबाइल, 28 सिम कार्ड, बैंक पासबुक और ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।”
SP अनीप कुमार सिंह (IPS) ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा,
“यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है। पुलिस कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती। यदि कोई खुद को पुलिस बताकर धमकाए, तो तुरंत 1930 पर रिपोर्ट करें। साइबर अपराध के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है।”
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और IT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस की महत्वपूर्ण सलाह
फोन पर पुलिस बनकर पैसे मांगने वाले की बात पर भरोसा न करें।
अपना OTP, बैंक डिटेल या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
साइबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या साइबर सेल ऐप पर तुरंत दर्ज करें।

