संवाददाता – मंडल ब्यूरो चीफ
राजीव कुमार सिंह सिकरवार
आगरा, उत्तर प्रदेश
आमदनी से अधिक कीमती है लोगों की जान, इसलिए एक्सप्रेस-वे पर कॉमर्शियल वाहनों पर लगे पूर्ण प्रतिबंध : राजा अरिदमन सिंह
पूर्व परिवहन मंत्री ने वर्तमान परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर की अपील
आगरा। मथुरा जनपद के बल्देव क्षेत्र में शून्य दृश्यता के कारण हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व परिवहन मंत्री एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने प्रदेश के वर्तमान परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर एक्सप्रेस-वे पर कॉमर्शियल वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सरकार की आमदनी से अधिक महत्वपूर्ण आम जनता की जान है। उन्होंने उल्लेख किया कि हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अकाल मृत्यु का शिकार हो रहे हैं, जिससे असंख्य परिवार उजड़ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से एक्सप्रेस-वे पर कॉमर्शियल वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए तथा लखनऊ-दिल्ली जैसे मार्गों के लिए कमर्शियल वाहन नेशनल हाईवे का प्रयोग करें।
राजा अरिदमन सिंह ने यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं।
गलत लेन में वाहन चलाने पर हो सख्त कार्रवाई
उन्होंने लिखा कि सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे पर अक्सर देखा जाता है कि ट्रक तीनों लेनों में एक-दूसरे को ओवरटेक करते रहते हैं, जिनमें से अधिकांश ओवरलोडेड होते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, निजी बसें भी स्लो लेन के बजाय बीच या फास्ट लेन में चलती हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि एक्सप्रेस-वे पर स्पष्ट साइनेज लगाकर स्लो लेन, फास्ट लेन और कॉमर्शियल वाहनों की लेन निर्धारित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का तत्काल चालान किया जाए।
भारी वाहनों के निर्माण मानक तय हों
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्लीपर कोच और अन्य भारी वाहनों की बॉडी सामान्य चेसिस पर तैयार की जाती है, जो दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षित नहीं होती। उन्होंने मांग की कि बसों और ट्रकों के निर्माण की सुरक्षा जांच कर कड़े मानक तय किए जाएं और उन्हीं मानकों के आधार पर आगे निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
इमरजेंसी एग्जिट की हो पर्याप्त व्यवस्था
उन्होंने कहा कि स्लीपर कोच, टू-बाय-टू बसों और अन्य बड़े वाहनों में प्रवेश व निकासी के साथ-साथ पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट की अनिवार्य व्यवस्था की जानी चाहिए।
सर्विस लेन पर खड़े ट्रकों पर लगे रोक
राजा अरिदमन सिंह ने लिखा कि आगरा और लखनऊ टोल के पास सर्विस लेन पर बने ढाबों के कारण ट्रक चालक एक्सप्रेस-वे पर ही वाहन खड़ा कर नीचे चले जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे मामलों पर अविलंब रोक लगाई जानी चाहिए।
केवल यूपीएसआरटीसी बसों को मिले अनुमति
उन्होंने सुझाव दिया कि एक्सप्रेस-वे पर केवल यूपीएसआरटीसी की बसों को ही संचालन की अनुमति दी जाए। निजी बसों व अन्य निजी वाहनों द्वारा तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाने और बिना वैध लाइसेंस के संचालन की घटनाएं दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं।
कोहरे में रात्रि सेवा बंद करने की मांग
पूर्व मंत्री ने कहा कि कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से घने कोहरे में रात्रि बस सेवा पूरी तरह बंद कर दी जानी चाहिए।
निर्माण एजेंसी दे मुआवजा
उन्होंने आगरा-दिल्ली एक्सप्रेस-वे की खराब निर्माण गुणवत्ता का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि सड़क की खराब सतह के कारण टायर फटने से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई है। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को सड़क निर्माण एजेंसियों द्वारा मुआवजा दिया जाना चाहिए।
पत्र के साथ परिवहन मंत्री को भेजे गए पत्र की पीडीएफ प्रति भी संलग्न की गई है।
प्रकाशन हेतु निवेदक
राजा महेंद्र अरिदमन सिंह
(पूर्व परिवहन मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार)
भदावर हाउस, आगरा (उ.प्र.)

