अपराध और उससे जुड़ी धाराओं का संबंध मुख्यतः भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) से है, जिसने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) का स्थान ले लिया है।
कुछ प्रमुख अपराध और उनकी धाराएँ (बीएनएस के तहत):
- हत्या: पहले इसकी धारा 302 थी, लेकिन अब यह धारा 101 के अंतर्गत आता है।
- हत्या का प्रयास: पहले धारा 307 के तहत आता था।
- धोखाधड़ी: पहले धारा 420 थी, जो अब धारा 318 है।
- लापरवाही से मौत: पहले यह अपराध धारा 304A के तहत था, अब धारा 106 में है।
- महिलाओं पर क्रूरता (दहेज उत्पीड़न): पहले यह अपराध धारा 498A के तहत था, अब धारा 85 में है।
- बलात्कार: पहले धारा 376 के तहत आता था।
- दंगा: पहले धारा 147 के तहत आता था, अब धारा 187 में है।
- आपराधिक षड्यंत्र: पहले धारा 120B के तहत आता था, अब धारा 61 के अंतर्गत आता है।
- देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना: पहले धारा 121 और 121A के तहत था, अब धारा 147 और 148 के तहत आता है।
- आपराधिक धमकी: यह अपराध पहले धारा 506 में था।
- स्वेच्छा से चोट पहुँचाना: पहले धारा 323 के तहत आता था।
- अपहरण (व्यपहरण): पहले धारा 361 के तहत था।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:
- पुराने कानून (आईपीसी) में 511 धाराएं थीं, जबकि नए कानून (बीएनएस) में 358 धाराएं हैं।
- अपराध और सज़ा का निर्धारण भारतीय दंड संहिता (अब भारतीय न्याय संहिता) और दंड प्रक्रिया संहिता (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) जैसे कानूनों के तहत होता है।
- नए कानूनों में कुछ बदलाव किए गए हैं, जैसे सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सज़ा के प्रावधानों में संशोधन।
