संवाददाता - मंडल ब्यूरो चीफ
राजीव कुमार सिंह सिकरवार
आगरा उत्तर प्रदेश
ताजमहल में शाहजहां उर्स को लेकर बवाल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; पढ़ें क्या है पूरा मामला।
उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल के अंदर प्रस्तावित तीन दिवसीय शाहजहां उर्स को लेकर विवाद और गहरा गया है। बुधवार को हिंदूवादी संगठन अखिल भारत हिंदू महासभा ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) कार्यालय के बाहर शंख बजा शंखनाद कर पुरातत्व कब पुतला जलाया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
अखिल भारत हिंदू महासभा के*प्रदर्शनकारियों ने उर्स आयोजन के खिलाफ नारेबाजी की और एएसआई का पुतला फूंकते हुए कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।*तथा संत बजा कर धर्म युद्ध का आह्वान किया
प्रदर्शन कर रहे अखिल भारत हिंदू महासभा प्रांतीय अध्यक्ष मीना दिवाकर का कहना है कि शाहजहां उर्स से जुड़ा मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में बिना कोर्ट के अंतिम फैसले के ताजमहल परिसर में उर्स की तैयारी करना न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ है। दिवाकर जी का आरोप है कि एएसआई इस संवेदनशील मामले में जल्दबाजी दिखा रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी उर्स की तैयारी पर सवाल*
मीना दिवाकर ने दावा किया कि जब मामला कोर्ट में चल रहा है, तब किसी भी तरह का धार्मिक आयोजन कराना नियमों का उल्लंघन है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ताजमहल जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्मारक को विवादों में घसीटना गलत है और प्रशासन को इस पर सख्त रुख अपनाना चाहिए।
कड़े तेवर, उग्र आंदोलन की चेतावनी*
प्रदर्शन के दौरान नितेश भारद्वाज रवि चाहर एवं साहब सिंह वर्मा ने तीखी चेतावनी भी दी। उनका कहना था कि अगर ताजमहल के भीतर उर्स का आयोजन हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने "धर्मयुद्ध" और "शिव तांडव" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए विरोध तेज करने की बात कही। इन बयानों के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
ताजमहल को तेजोमहालय बताने का दावा दोहराया*
अखिल भारत हिंदू महासभा कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर बताते हुए कहा कि यह स्थल हिंदू आस्था से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि वे इसे वापस लेकर रहेंगे और किसी भी हालत में ताजमहल परिसर में उर्स जैसे आयोजन को स्वीकार नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए उर्स पर तत्काल रोक लगाने की अपील भी की।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रशासन अलर्ट*
आज से शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने एएसआई कार्यालय और ताजमहल परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन और पुलिस की नजर पूरे हालात पर*
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन और पुलिस लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी संभावित तनाव की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। सोशल मीडिया पर भी ताजमहल उर्स को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है।

