सेवा में,
माननीय अध्यक्ष महोदय,
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग,
5वीं मंज़िल, लोकनायक भवन, खान मार्केट,
नई दिल्ली – 110003
विषय: सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने वाले राकेश शर्मा के विरुद्ध दलित अपमान का मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई किए जाने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं राजेश कुमार सिद्धार्थ, राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के माध्यम से आपका ध्यान एक अत्यंत गंभीर और निंदनीय घटना की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) पर राकेश शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा जूता फेंकने की शर्मनाक घटना घटी है। यह कृत्य न केवल देश की सर्वोच्च न्यायपालिका का अपमान है, बल्कि दलित समाज की न्यायिक आस्था और गरिमा पर सीधा प्रहार भी है।
यह ज्ञात है कि माननीय मुख्य न्यायाधीश देश के संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों के संरक्षक हैं। ऐसे में इस प्रकार का कृत्य दलित समाज की भावनाओं को गहराई से आहत करता है।
अतः निवेदन है कि:
1. उपरोक्त व्यक्ति राकेश शर्मा के विरुद्ध तत्काल अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत दलित अपमान, न्यायपालिका की मानहानि तथा राष्ट्रविरोधी कृत्य का मामला दर्ज किया जाए।
2. उसे शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाए ताकि इस प्रकार के अमर्यादित कृत्य की पुनरावृत्ति न हो।
3. आयोग इस घटना की स्वत: संज्ञान लेकर गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार को उचित कार्रवाई हेतु निर्देश दे।
यदि शीघ्र और उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के बैनर तले देशभर में “दलित बचाओ – संविधान बचाओ – जज बचाओ” अभियान चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
संविधान की मर्यादा और दलित समाज के सम्मान की रक्षा हेतु आयोग से त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा है।
भवदीय,
(हस्ताक्षर)
राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
डॉ. भीमराव आंबेडकर संवैधानिक महासंघ
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो.: 9454325236
दिनांक:07 /10/2025
