बस्ती। जनपद में स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के जिला उपाध्यक्ष उमेश गोस्वामी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राजीव निगम पर भ्रष्टाचार और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने के संगीन आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत पत्र के अनुसार, उमेश गोस्वामी ने 7 अगस्त 2025 को एक शपथ पत्र और साक्ष्य स्वास्थ्य विभाग को सौंपे थे। आरोप है कि सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने उस जांच को अपने डिप्टी सीएमओ को सौंपकर महज तीन दिनों में ही "साक्ष्यों का सौदा" कर लिया।
जब इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से की गई, तो सीडीओ के पूछने पर सीएमओ ने बिना किसी ठोस जांच के ही साक्ष्यों को फर्जी करार दे दिया।
गंभीर आरोप: अवैध वसूली और नकली दवाओं का व्यापार
पत्र में सीएमओ पर केवल भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारियों के माध्यम से अवैध वसूली के भी आरोप लगाए गए हैं:
हफ्ता वसूली: आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) कुदरहा में तैनात संविदा नर्सों से सीएमओ कार्यालय के एक बाबू के माध्यम से साप्ताहिक वसूली (हफ्ता) की जा रही है।
नकली दवाएं: शिकायतकर्ता का दावा है कि इन नर्सों को इलाके में नकली दवाएं बेचने की खुली छूट दी गई है, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
कठोर कार्रवाई की चेतावनी
उमेश गोस्वामी ने पत्र में बेहद तल्ख लहजे का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि यदि इस मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं हुई और संबंधित नर्सों को नहीं हटाया गया, तो वह मामले को लोकायुक्त तक ले जाएंगे। उन्होंने शासन से मांग की है कि:
अगस्त में दिए गए शपथ पत्र की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
संविदा नर्सों की सेवाएं समाप्त की जाएं।
भ्रष्टाचार के आरोपी सीएमओ डॉ. राजीव निगम को तत्काल निलंबित किया जाय
