बांदा दिनांक: 19 फरवरी 2026,नगर पालिका प्रांगण की धूप में नहाई गांधी प्रतिमा आज साक्षी बनी—उस संघर्ष की जो वर्षों से लोकतंत्र के कंधों पर टिका है। प्रतिमा के चरणों में माल्यार्पण करते कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज़ों में नारे कम, कराहता हुआ समय अधिक सुनाई दे रहा था; समय, जो पूछ रहा था—“सत्ता का अहं कब से जनता के अधिकारों के विरुद्ध पुलिस डंडों में बदल गया?”प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में एकत्रित भीड़ किसी को चुनौती देने नहीं, बल्कि अपनी लोकतांत्रिक विरासत को फिर से याद दिलाने आई थी। गांधी की शांत निगाहें जैसे कह रही थीं—“सत्याग्रह कठिन है, पर रास्ता यही है।”लेकिन सत्ता का रुख उस शांत संदेश से कुछ अलग था।मनरेगा सहित प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं को लेकर प्रस्तावित विधानसभा घेराव अभी शुरू भी न हुआ था कि कांग्रेस कार्यालय को पुलिस छावनी में बदल दिया गया—मानो असहमति कोई अपराध हो। फिर भी कार्यकर्ता डरे नहीं; वे निकले, रास्तों पर बढ़े, और वहीं इतिहास ने करवट ली।सड़क पर खड़ी बैरिकेडिंग सिर्फ लोहे की नहीं थी—वह लोकतांत्रिक अवरोधों का रूपक थी।जब कांग्रेसजन उसे पार कर आगे बढ़े, तो पुलिस के डंडे हवा में ऐसे झूले जैसे शब्दों से भागती सत्ता ने हिंसा को अपना तर्क बना लिया हो।लाठीचार्ज की गूँज में उसूलों की चरमराहट साफ सुनाई दी।प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित अनेक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए। कई जिलों में कार्यकर्ताओं को नज़रबंद कर दिया गया—जैसे लोकतंत्र कोई उत्सव नहीं, एक उपद्रव हो जिसे रोका जाना ज़रूरी है।
फिर भी भीड़ नहीं टूटी, हिम्मत नहीं बिखरी;वे गांधी के रास्ते पर थे—जहाँ डर का कोई मूल्य नहीं, और प्रतिरोध का कोई विकल्प नहीं।दीक्षित ने स्पष्ट कहा—“अगर सत्ता तानाशाही के हथकंडे अपनाती है, तो कांग्रेसी हर चोट को सम्मान की तरह स्वीकार करेंगे।”क्योंकि उनके पीछे खड़े हैं—सोनिया गांधी,मल्लिकार्जुन खड़गे,
और राहुल गांधी,जो संघर्ष को मात्र राजनीति नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जिम्मेदारी मानते हैं।उपस्थिति का रंगमंच—जहाँ हर चेहरा एक संकल्प था रमेश चन्द्र कोरी,पवन देवी कोरी,सीमा खान एडवोकेट,अफसाना शाह,संकटा प्रसाद त्रिपाठी,द्वारिकेश सिंह यादव ‘मंडेला’ एडवोकेट,सूरज बाजपेई एडवोकेट,बल्देव वर्मा एडवोकेट और जिला महामंत्री सहित अनेक कार्यकर्ताओं की आँखों में वही चमक थी—“लोकतंत्र सिर्फ वोट से नहीं, प्रतिरोध से बचता है।”
