पीलीभीत जनपद में मानवता, संवेदना और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र (आदर्श जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र) द्वारा शुरू की गई “अब चलो गाँव की ओर” मुहिम अब दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के लिए उम्मीद की किरण बन गई है।अब सहायक उपकरण पाने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं सुविधाएं स्वयं उनके घर के पास पहुँचेंगी।
आज आयोजित विशेष शिविर में 222 दिव्यांग और वृद्धजनों को अत्याधुनिक सहायक उपकरण वितरित कर बड़ी राहत दी गई। केंद्र पर प्रतिदिन वितरण जारी है और यह अभियान पूरे एक वर्ष तक लगातार चलेगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
शिविर में लाभार्थियों को श्रवण यंत्र (कान की मशीन), छड़ी एवं वॉकर,व्हीलचेयर व कमोड युक्त व्हीलचेयर, नी-कैप व गले के कुशन,बेड-सोर से बचाव हेतु विशेष सीट उनकी जरूरत के अनुसार प्रदान किए जा रहे हैं। ये उपकरण केवल सहारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत हैं। इससे लाभार्थियों में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना और मजबूत होगी।
बिलसंडा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफल शिविरों के बाद अब विभाग का लक्ष्य है गाँव-गाँव पहुँचकर पंजीकरण और वितरण करना। ताकि किसी भी वृद्धजन या दिव्यांग को केंद्र तक आने में कठिनाई न उठानी पड़े।
आदर्श जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के जिला समन्वयक सुखवीर सिंह भदौरिया ने भावुक शब्दों में कहा कि “मेरे लिए सेवा ही सर्वोपरि है। मेरे रहते किसी भी बहन, वृद्ध माता-पिता को असुविधा या उपेक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। सम्मान, संवेदना और अवसर हर जरूरतमंद तक पहुँचे यही मेरी प्रतिबद्धता है।” उन्होंने कहा कोई कोई भी वृद्ध या निशक्तजन (जिसकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो) अधिक जानकारी के लिए केन्द्र पर आकर लाभ प्राप्त कर सकता है।
यह मुहिम सिर्फ उपकरण वितरण नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान तक सम्मान, संवेदना और सहारा पहुँचाने का एक सशक्त आंदोलन बन चुकी है। पीलीभीत में “अब चलो गाँव की ओर” अभियान जनसेवा की एक प्रेरणादायी मिसाल के रूप में उभर रहा है।
