बालोद/ पलारी:- जिले के विकासखंड गुरूर अंतर्गत नगर पंचायत पलारी से चारो दिशाओं के जिले क्रमषः कांकेर बस्तर, धमतरी, बालोेद, राजनांदगॉव, दुर्ग, रायपुर से आवागमन का सड़क सुविधा है जहां से हमेशा आने- जानेे वालेे राहगीरों सहित बड़े- बड़े, ट्रक, हाईवों का अवाजही लगा रहता है। लेकिन गुरूर विकासखंड के वनाचंल क्षेत्रों से चोेरी करके दुर्ग, रायपुर सहित अन्यत्र क्षेत्रों में जाने वालेे ओव्हरलोड रेत से भरे हाईवों को पलारी सेे गुण्डरदेही मार्ग में यत्र, तत्र खड़ी करनेे से अन्य वाहन चालकों कोे काफी परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है, दुर्घटनाओं से बचने अगर थोेड़ी भी लापरवाही किये तो बड़ी दुर्घटना कोे आमंत्रित कर सकते हैै। इन वाहन चालकों को समझाईस देने पर वाद विवाद में उतारू हो जाते हैै। रेत आदि से भरी ओव्हर लोड हाईवाओं की अव्यवस्थित रूप सेे खड़ी होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है अब सोच सकते है कि यह जब सड़कों में कौन सी स्थितियों में दौड़ते होंगे।
पलारी से पुरूर की ओेर रातभर हाईवाओं की रेस:- गुरूर विकासखंड के वनाचंल क्षेत्र प्राकृतिक खनिज संपदाओं सेे अकूत भरी हुई है, जिस पर बाहर के खनिज तस्करों की नजर पड़नेे से इन खनिज संपदाओं की चोेरी करना सामान्य हो गई है। कम समय एवं कम खर्च में खनिज संपदाओं के भंडारण आमजन, राहगीरों की जान जोखिम में डालकर हाईवा दौड़ा रहे है। इन हाईवों के चालक रात को कांकेर आदि क्षेत्र में पहंुचकर नदी आदि से रेत भराव कर दूसरे जिले में भंडारण करते है। इन हाईवा चालकों द्वारा सड़कों में अनियंत्रित गति से दौड़ने का खेल जारी है, इनके द्वारा सड़क के मोड़ पर भी हाईवों की रफ्तार कमी न करके न हाथ, इंडीकेटर का उपयोन न करते हुए मोड़ देते है। जिससे इन हाईवों के बीच, सामने से आने वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होे रहे हैै। ग्राम सनौैद के चौैक में सड़के से लगाकर अव्यवस्थित में खड़े हाईवा चालकों से किनारे लगाने कहने पर कहा कि हमारे पास इतना समय नही है क्योंकि रेत, मुरूम आदि तस्कर एवं हाईवा मालिक ढुलाई की खेपों के हिसाब से पैसा ईनामी रूप पैसा देते है। अब सोच सकते है कि चंद रूपयों की लालच में हाईवा चालकों द्वारा किस प्रकार से दूसरों का जान जोखिम में डाल रहे है। छत्तीसगढ़ में अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सरकार के निर्देश केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। जमीनी हकीकत यह है कि प्रशासन की कार्रवाई महज दिखावा बनकर रह गई है। जबकि रेत माफिया बेखौफ होकर नदियों के सीने को छलनी कर रहे हैं। नतीजा, शासन को रोजाना करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। वहीं पर्यावरण को अलग क्षति पहुंच रही है।
यातायात सुधार में यातायात पुलिस गारंटी नहीः-
क्षेत्र के यातायात को सुव्यवस्थित करने वाले जिम्मेदार अधिकारी सहित इनके महकमें मौका देखकर ही वाहन, कागजात, भरे हुए सामानों की जांच पड़ताल के आड़ में नोेट वसुली कर चलते बनते है, जिसके परिणाम स्वरूप इस तरफ चलने वालेे सभी वाहनों सहित वाहनों की लापरवाही सेे सड़कों में अनियंत्रित तेज रफ्तार से आमजन, गाय, मवेषी आदि का रौेंदते हुए धड़ल्ले से दौड़ रहे है इनके करस्तानियांे को रोकनेे यातायात पुलिस के पास समय नही है। जबकि जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर चलाया गया विशेष अभियान अब कठोर परिणाम देने लगा है। आमजन की जान बचाने और बेलगाम ट्रैफिक अव्यवस्था पर लगाम कसने के लिए जिले के पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल की रणनीतिक निगरानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के समन्वय में चलाए गए अभियान ने सड़क अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अनुविभागीय पुलिस अधिकारी बोनीफॉस एक्का तथा यातायात प्रभारी रविकांत पांडे की अगुवाई में ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान नियम तोड़ने वालों को सिर्फ रोका नहीं गया, बल्कि दंडित कर लोगों को सड़क अनुशासन के प्रति जागरूक करने की पहल भी तेज भी कर दिया है।
